चंद्रपुर थाना क्षेत्र में खुलेआम जुआ, पुलिस की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल महुआपाली बना जुए का अड्डा, बाहर से आ रहे खाईवाल:-सूत्र

महुआपाली बना जुए का अड्डा, बाहर से आ रहे खाईवाल
चंद्रपुर:— चंद्रपुर थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को खुलेआम चुनौती दी जा रही है। थाना क्षेत्र से लगे ग्राम महुआपाली में लंबे समय से बावनपरी जुए का खेल बेखौफ चल रहा है, लेकिन हैरत की बात यह है कि जिम्मेदार पुलिस महकमा आंख मूंदे बैठा है। स्थानीय लोगों और सूत्रों के मुताबिक जुए की सूचना बार-बार मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे थाना प्रभारी की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। सूत्रों की मानें तो महुआपाली में सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि चंद्रपुर, गोड़म, नवरंगपुर, कपीसदा, गुडेली, डभरा, खरसिया और रायगढ़ तक के खाईवाल सक्रिय हैं। कई खाईवाल चंद्रपुर और डभरा थाना क्षेत्र में स्थायी रूप से डेरा जमाए हुए हैं। महुआपाली मांड नदी के किनारे स्थित है, वहीं पास में डभरा थाना अंतर्गत बगरैल गांव भी है। इसी भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर खाईवाल कभी महुआपाली तो कभी बगरैल में जुए का फड़ बदल-बदलकर संचालित कर रहे हैं, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके।
पुलिस की मिलीभगत के आरोप! कार्यवाही से क्यों बच रही पुलिस
स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि चंद्रपुर में चल रहा जुए का यह अवैध कारोबार पुलिस की मिलीभगत के बिना संभव ही नहीं है। खुलेआम जुए के फड़ सज रहे हैं और खाईवाल बेखौफ घूम रहे हैं, फिर भी पुलिस आंखें मूंदे बैठी है। यह चुप्पी महज संयोग नहीं, बल्कि किसी गहरी साठगांठ की ओर इशारा करती है। आम जनता देख रही है, लेकिन कानून का रखवाला बना पुलिस महकमा अंजान बना हुआ है। वही कुछ ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि अगर पुलिस चाहे तो साइबर की मदद से एक घंटे में पूरा जुआ नेटवर्क ध्वस्त किया जा सकता है। फिर सवाल उठता है कि आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या थाना प्रभारी पर किसी का दबाव है या फिर अवैध कमाई का हिस्सा ऊपर तक पहुंच रहा है? कानून का डर खत्म हो चुका है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
अंकिता शर्मा के जाते ही बेलगाम हुए अवैध कारोबारी
जब तक सक्ति जिले की तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा जिले की कमान संभाले हुए थीं, तब तक अवैध गतिविधियों पर सख्त लगाम लगी हुई थी। जुआ, सट्टा और अवैध शराब के कारोबारियों में खौफ का माहौल था। लगातार छापेमारी, सख्त कार्रवाई और त्वरित निर्णयों के चलते जिले में अवैध कारोबार लगभग ठप हो गया था। कानून का डर साफ नजर आता था और पुलिस की सक्रियता से आम जनता को राहत मिली हुई थी। लेकिन जैसे ही अंकिता शर्मा का दूसरे जिले में स्थानांतरण हुआ, वैसे ही अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हो गए। पुराने खाईवाल फिर से सक्रिय हो गए और चंद्रपुर–डभरा क्षेत्र को अपना सुरक्षित ठिकाना मान लिया। जुए के फड़ दोबारा सजने लगे और पुलिस की निष्क्रियता ने अवैध धंधों को खुली छूट दे दी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिले में फिर से वही सख्त पुलिसिंग लौटेगी, या फिर अवैध कारोबारियों के सामने कानून यूं ही कमजोर साबित होता रहेगा? जनता की निगाहें अब उच्च पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस पूरे मामले में कब संज्ञान लेते हैं और कब जुए के इस खुले खेल पर सख्त कार्रवाई कर चंद्रपुर क्षेत्र में कानून का डर कायम करते हैं।
वर्जन…
महुआपाली क्षेत्र में जुए की गतिविधियों की शिकायत संज्ञान में आई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ही संबंधितों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गगन बाजपेई, थाना प्रभारी, चंद्रपुर




