मानसिक शांति की तलाश है? गुलाब की पंखुड़ियों से करें तनाव और क्लेश दूर

आज के आधुनिक दौर में हम अपने घरों को महकाने के लिए केमिकल वाले रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, वास्तु शास्त्र के अनुसार, ये सुगंध केवल गंध को छिपाती हैं, घर की ऊर्जा को नहीं बदलतीं। अगर आप अपने घर में असली सकारात्मकता और शांति चाहते हैं, तो 'फूलों के राजा' गुलाब का सहारा लें।
क्या आपको महसूस होता है कि घर में एंट्री लेते ही किसी तरह का भारीपन या चिड़चिड़ापन होने लगता है? अक्सर यह घर में मौजूद वास्तु दोष या स्थिर ऊर्जा के कारण होता है। ऐसे में गुलाब की पंखुड़ियां हमारे जीवन में एक प्राकृतिक हीलर की तरह काम करती हैं।
वास्तु और गुलाब का गहरा संबंध
गुलाब न केवल सुंदरता का प्रतीक है, बल्कि इसमें दैवीय ऊर्जा का वास भी माना जाता है। वास्तु के अनुसार, ताजे गुलाब की पंखुड़ियां घर के वातावरण से नकारात्मकता को सोख लेती हैं। एक कांच के कटोरे में साफ पानी भरकर उसमें ताजे गुलाब की पंखुड़ियां डालकर रखने से घर की वायु शुद्ध होती है और मानसिक तनाव कम होता है।
शुक्र ग्रह की कृपा बनी रहती है
ज्योतिष और वास्तु में गुलाब का संबंध शुक्र ग्रह से माना गया है। शुक्र देव सुख, समृद्धि और प्रेम के कारक हैं। अगर आप इसे अपने घर के मुख्य द्वार या बैठक रूम में रखते हैं, तो इससे घर में धन और वैभव का आगमन होता है। बस ध्यान रहे कि पंखुड़ियां सूखते ही उन्हें बदल दें, क्योंकि सूखे हुए फूल वास्तु दोष पैदा कर सकते हैं।
गुलाब लाता है रिश्तों में मिठास
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम में ताजे गुलाब की पंखुड़ियां रखने से पति-पत्नी के बीच के झगड़े कम होते हैं और आपसी प्रेम बढ़ता है। इसकी सौम्य सुगंध मस्तिष्क के 'स्ट्रेस हार्मोन' को कम कर सुकून की नींद लाने में मदद करती है। यह रूम फ्रेशनर से कहीं ज्यादा असरदार माना गया है।
सही दिशा का करें चुनाव
वास्तु के अनुसार, उत्तर या पूर्व दिशा (ईशान कोण) में जल के साथ गुलाब की पंखुड़ियां रखना सबसे शुभ है। यह दिशा जल तत्व और देवताओं की मानी जाती है, जहां गुलाब की खुशबू रखने से घर के सदस्यों के बीच तालमेल बेहतर होता है और करियर में सफलता के नए रास्ते खुलते हैं। हर सुबह इन पंखुड़ियों को बदलना एक नई शुरुआत और उत्साह का प्रतीक है।




