SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी कल गुरुद्वारे का करेंगे उद्घाटन

रायपुर.
सिक्ख पंथ की सर्वोच्च संस्था के अध्यक्ष, एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी का एक दिवसीय प्रवास छत्तीसगढ़ में 17 फरवरी को होने जा रहा है. वे विमान द्वारा सुबह अमृतसर से रायपुर पहुंचेंगे. उनके भव्य स्वागत की तैयारी की जा रही है. स्वागत उपरांत वे होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल में छत्तीसगढ़ की सभी गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी, सामाजिक संस्थानों के पदाधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ में चल रही सिक्ख समाज की गतिविधियों पर चर्चा करेंगे.
इसके बाद वे बिलासपुर रोड रांवाभाठा में निर्मित भव्य ऐतिहासिक गुरुद्वारे का उद्घाटन करेंगे. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर के मार्गदर्शन में भव्य गुरमत संगीत विद्यालय का भी यहां शुभारंभ होगा. इस गुरुद्वारे की साज-सज्जा आधुनिक और आकर्षक शैली में की गई है, जिसकी भव्यता देखते ही बन रही है. इस पूरे आयोजन को मूर्त रूप प्रदान कर रहे समाजसेवी जगजीत सिंघ खनूजा, जी.एस. भाम्बरा व रावांभाठा के नवीनीकृत गुरुद्वारे के प्रभारी अजीत सिंग ने सर्व सिक्ख समाज से अपील की है कि पंथ की सर्वोच्च संस्था के अध्यक्ष धामी के भव्य स्वागत के लिए सभी माना विमानतल पहुंचकर और गुरुद्वारे के उद्घाटन समारोह में अधिकाधिक संख्या में सम्मिलित होकर गुरु घर की खुशियां प्राप्त करें.
इस कार्यक्रम में दरबार साहिब के रागी जत्थे सिक्ख गुरु गाथा का गुणगान कर गुरु नाम लेवा संगत को निहाल करेंगे. उद्घाटन के पश्चात् धामी, अमरजीत सिंग छाबड़ा के विशेष आग्रह पर अपने पूरे काफिले के साथ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के कार्यालय भी पहुंचेंगे. जहां भी वे सिक्ख पंथ की गतिविधियों एवं विकासपरक योजनाओं पर चर्चा कर अपनी राय व मार्गदर्शन देंगे. इस पूरे कार्यक्रम में सिक्ख फोरम के अध्यक्ष बलदेव सिंग भाटिया, राज्य अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत सिंग छाबड़ा समेत सिक्ख समाज के गणमान्यजन व सभी गुरुद्वारों के प्रधान प्रमुख रूप से सम्मिलित होंगे.
श्रीगुरुग्रंथ साहिब का पहला प्रकाश सुबह 10 बजे
भाठागांव में गुरुद्वारा गुरु नानक साहिब के नवीनीकरण के बाद मंगलवार को उद्घाटन होगा. संगत के सहयोग से इस गुरुद्वारे का जीर्णोद्धार कराया गया है. नवीनीकरण के बाद मंगलवार की सुबह 10 बजे श्रीगुरुग्रंथ साहिब का पहला प्रकाश होगा. दरअसल यह गुरुद्वारा 2004 में बनाया गया था. जीर्ण-शीर्ण अवस्था में होने के कारण इसका रिनोवेशन कराया गया. इसके तहत दरबार हॉल में नई पालकी साहिब बनवाई गई है. इंटीरियर के काम कराए गए हैं.
साथ ही बेल्जियम से मंगाई कालीन लगाई गई है, जिसकी कीमत करीब 4 लाख रुपए है. गुरुद्वारे के भवन में भी रंग-रोगन किया गया है. बाहर पंजाब से मंगाया गया स्टील का खंडा स्थापित किया गया. वहीं 100 फीट लंबा व 40 फीट चौड़ा लंगर भवन भी तैयार किया गया है. गुरुद्वारे के इंचार्ज अजीत सिंह ने बताया कि दोपहर 3 बजे तक गुरमत समागम में श्रीदरबार साहिब के हजूरी रागी भाई स्वरूप सिंह कीर्तन करेंगे, जबकि भाई गुरसेवक जीत सिंह का ढाढ़ी जत्था गुरु इतिहास का वाचन करेगा.
गुरमत संगीत विद्यालय का उद्घाटन, बच्चे सीखेंगे संगीत
गुरुद्वारे के उद्घाटन के बाद वहां गुरमत संगीत विद्यालय शुरू किया जाएगा. यहां बच्चों को नि:शुल्क संगीत सिखाया जाएगा. हर समाज के बच्चे इसमें शामिल हो सकेंगे. इसके अलावा वहां जरूरतमंदों के लिए 8 कमरों की सराय बनाई गई है. जहां रात्रि विश्राम की व्यवस्था रहेगी.




