राज्य सरकार औद्योगिक एवं उभरते क्षेत्रों में नई ऊँचाइयाँ तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में मालवा का अपना विशिष्ट महत्व है। मालवा क्षेत्र की अनुकूल जलवायु और भौगोलिक स्थिति उद्योगों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों तक 8-लेन एक्सप्रेस-वे से दूरी कम होने से यातायात और लॉजिस्टिक्स की सुविधाएं सुदृढ़ हुई हैं। प्रदेश सरकार द्वारा नए प्रोजेक्ट्स के माध्यम से परिवहन और आधारभूत संरचना को और मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में पीथमपुर औद्योगिक संगठन द्वारा पीथमपुर इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव एवं पुस्तक विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उद्योग, महिला, किसान और गरीब—हर वर्ग के विकास की बयार देश में बह रही है। विभिन्न वैश्विक संगठनों के साथ व्यापारिक समझौते और नई ट्रेड डील्स के माध्यम से भारत निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होकर विश्व पटल पर अपना परचम लहरा रहा है। देश व्यापार और वाणिज्य के स्वर्णिम काल की ओर बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उद्योगों का दायरा निरंतर विस्तारित किया जा रहा है, जिससे औद्योगिक विकास की अवधारणा केवल पीथमपुर तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश और देश में नए आयाम स्थापित करे। हमारी सरकार प्रदेश को औद्योगिक क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने तथा अंतरिक्ष जैसे उभरते क्षेत्रों में भी संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एमपीआईडीसी के माध्यम से इंडस्ट्रियल बेल्ट के समग्र विकास के प्रयास प्रदेश को नई उपलब्धियां प्रदान करेंगे। ये प्रयास मध्यप्रदेश को औद्योगिक रूप से फ्रेंडली प्रदेश बनाने में कारगर सिद्ध होंगे और उद्यमशीलता के विकास को नई दिशा देंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. गौतम कोठारी ने साहित्य की साधना के माध्यम से पीथमपुर की 40 वर्षों की भावपूर्ण यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया है। वर्ष 1983-84 के दशक में जब मूलभूत सुविधाओं का अभाव था, तब भी पीथमपुर की औद्योगिक बेल्ट ने संघर्ष, परिश्रम, धैर्य और नवाचार के बल पर अपनी पहचान स्थापित की। आज फार्मास्युटिकल से लेकर ऑटोमोबाइल तक हर क्षेत्र में पीथमपुर ने देश और प्रदेश में विशिष्ट स्थान बनाया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी के क्षेत्र में समर्पित Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) भवन की स्थापना की सराहना करते हुए कहा कि यह भवन वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और पेशेवर उत्कृष्टता को नई मजबूती प्रदान कर रहा हैं ।
40 वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित स्मारक ग्रंथ का विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र की 40 वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी द्वारा लिखित स्मारक ग्रंथ “Pithampur: Zero to Zenith – A Journey of 40 Years” का विमोचन किया। यह ग्रंथ पीथमपुर की औद्योगिक उत्कर्ष गाथा, उपलब्धियों एवं क्रमिक विकास का विस्तृत दस्तावेज प्रस्तुत करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान
पीथमपुर औद्योगिक संगठन द्वारा प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने एवं निवेश संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों हेतु मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान किया गया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने शॉल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर प्रदेश के औद्योगिक विकास में उनके नेतृत्व एवं प्रतिबद्धता के लिए साधुवाद दिया गया।
‘एंकर्स ऑफ इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस’ सम्मान प्रदान
प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने एवं निवेश प्रोत्साहन हेतु किए गए प्रभावी प्रयासों के लिए “एंकर्स ऑफ इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस” सम्मान प्रदान किया गया। विशेष रूप से पीथमपुर औद्योगिक संगठन (PAS) के संस्थापक सदस्यों—वर्ष 1980 के मध्य से 1990 के मध्य तक—के 40 अग्रणी उद्योगपतियों को उनके दूरदर्शी नेतृत्व एवं औद्योगिक नगरी की सुदृढ़ नींव रखने में योगदान हेतु सम्मानित किया गया।
‘मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास गान प्रदर्शित
कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास का गान का औपचारिक प्रदर्शन किया गया। यह प्रेरक गान पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी द्वारा निर्मित है, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास की प्रेरणादायी तस्वीर प्रस्तुत करता है।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सावित्री ठाकुर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद इंदौर शंकर लालवानी, महापौर इंदौर नगर निगम पुष्यमित्र भार्गव एवं प्रदेश के उद्योग जगत, निवेशकों, नीति-निर्माताओं एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।




