मध्य प्रदेश

मिशन वात्सल्य के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

मिशन वात्सल्य अंतर्गत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित 

सिवनी
 मिशन वात्सल्य अंतर्गत संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग भोपाल द्वारा जारी प्रशिक्षण कैलेंडर के अनुपालन में महिला एवं बाल विकास विभाग सिवनी द्वारा एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 13 मार्च 2026 को नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान, इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय परिसर में किया गया।

कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज लारोकर, सहायक संचालक श्री राजेश लिल्हारे, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री मुकेश सेन, सदस्य श्री अखिलेश कुमार यादव, श्री शैलेन्द्र बिसेन, श्रीमती रूपाली टेम्भरे एवं श्री सुधीर सिंह ठाकुर सहित जिले के परियोजना अधिकारी, महिला सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के पूजन के साथ किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज लारोकर ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं तथा विभाग बच्चों के अधिकारों एवं उनके कल्याण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में बाल कल्याण समिति के सदस्य एडवोकेट श्री अखिलेश कुमार यादव द्वारा किशोर न्याय अधिनियम 2015, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (POCSO), मिशन वात्सल्य एवं विभिन्न बाल संरक्षण योजनाओं, बाल विवाह रोकथाम तथा किशोर न्याय प्रणाली के सिद्धांतों पर पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही बाल कल्याण समिति के कार्यक्षेत्र, विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों, देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों तथा पुनर्वास एवं समाज में पुनर्स्थापन से जुड़े प्रावधानों पर भी जानकारी प्रदान की गई।

विधि सह परिवीक्षा अधिकारी श्री अमित कुमार ढकेता ने गृह अध्ययन प्रतिवेदन (एचएसआर) एवं सामाजिक जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया तथा आवश्यक प्रारूपों को भरने की विधि पर विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम का संयोजन सहायक संचालक श्री राजेश लिल्हारे द्वारा किया गया तथा मंच संचालन बाल संरक्षण अधिकारी श्री विकास दुबे ने किया। प्रशिक्षण में लगभग 170 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के लिए पोषण पेय एवं स्वास्थ्यवर्धक अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई।

प्रशिक्षण के अंत में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बाल संरक्षण से संबंधित कानूनों एवं योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा निराश्रित एवं जरूरतमंद बच्चों को प्रभावी सहायता उपलब्ध कराना था।

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