जल संरक्षण और जनकल्याण को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

भोपाल
मंत्री टेटवाल ने सारंगपुर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विकास कार्यों, आधारभूत संरचना, जल संरक्षण और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का समग्र मूल्यांकन किया। बैठक में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की विभागवार समीक्षा करते हुए प्रशासनिक दक्षता, समयबद्धता और गुणवत्ता को केंद्र में रखने के निर्देश दिए गए।
मंत्री टेटवाल ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्य केवल स्वीकृतियों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखाई दें। सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों, पूर्ण परियोजनाओं का त्वरित हस्तांतरण हो और उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दोहराया कि लापरवाही या अनावश्यक विलंब की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी।
जल संरक्षण को दी रणनीतिक दिशा
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत संचालित जल संरचनात्मक कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री गौतम टेटवाल ने वर्षा जल संचयन, नाला उपचार और भू-जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जनांदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है, जिससे दीर्घकालीन जल सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। नदियों के पुनर्जीवन और श्रमदान आधारित पहलों में व्यापक जनसहभागिता पर बल दिया गया।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और अनुशासन
पेयजल, शिक्षा एवं अन्य आधारभूत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री टेटवाल ने लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधूरे या विलंबित कार्य जनता के विश्वास को प्रभावित करते हैं, इसलिए गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाए। आवश्यकता होने पर संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।
कृषि और पर्यावरणीय संतुलन पर विशेष फोकस
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों के विस्तार पर जोर दिया गया। नरवाई जलाने पर रोक के लिए प्रभावी जागरूकता अभियान संचालित करने और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। ‘हरित सारंगपुर’ के लक्ष्य के अंतर्गत व्यापक पौधारोपण को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने का आह्वान किया गया।
जनसेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में विद्युत, स्वास्थ्य और पेयजल सेवाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक संस्थानों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा टीकाकरण जैसे अभियानों को गति देने के निर्देश दिए गए। ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पेयजल स्रोतों की मरम्मत, संरक्षण और वैकल्पिक व्यवस्थाओं की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही आगामी सामूहिक विवाह एवं निकाह कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर सभी व्यवस्थाएं गरिमापूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की मूल प्रतिबद्धता है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे समन्वित, पारदर्शी और परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति के माध्यम से विकास की गति को स्थायी और प्रभावी स्वरूप दें।




