मंत्री कुशवाह का निर्देश: चंदेल-बुन्देला कालीन जल संरचनाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता से होगा

चंदेल-बुन्देला कालीन जल संरचाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता से किया जाये: मंत्री कुशवाह
मंत्री कुशवाह द्वारा निवाड़ी जिले की विकास योजनाओं की समीक्षा
निवाड़ी
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण तथा निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत निवाड़ी जिले में स्थित चंदेल-बुंदेला कालीन जल संरचाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता के साथ किया जाए। साथ ही अमृत सरोवरों का विकास और जीर्णोद्वार कार्य को भी प्राथमिकता दी जाए। कुशवाह ने यह निर्देश निवाड़ी जिले में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए।
मंत्री कुशवाह ने कहा निवाड़ी जिले में संचालित सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाए। उन्होंने कहा कि निवाड़ी जिले में नवीन कलेक्ट्रेट भवन सहित अन्य विभागों के भवनों का निर्माण कार्य प्राथमिकता से कराया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण के लिए निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से मौका मुआयना करें। उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सेवाऐं को सुदृढ़ बनाने और संजीवनी क्लिनिक कार्य भी पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
मंत्री कुशवाह ने कहा कि निवाड़ी जिला बुंदेला और चंदेल राजवंश में काफी विकसित क्षेत्र रहा है। इन राजवंशों ने बुन्देलखण्ड अंचल में पानी की कमी को देखते हुए तालाबों, नहरों, कुओं और बावडियों का बड़े पैमाने पर निर्माण कराया था। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इन संरचनाओं सफा-सफाई जीर्णोद्वार प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये।
बैठक मेंविधायक निवाड़ी अनिल जैन, कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे, पुलिस अधीक्षक राय सिंह नरवरिया, सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ शिशुपाल यादव, अध्यक्ष नगर पालिका निवाड़ी गुलाब अहिरवार अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।




