दक्षिण भारत में उलटफेर: कोलाथुर में हार, CM स्टालिन को झटका, केरल में कांग्रेस (UDF) को मिला बहुमत

तिरुवनंतपुरम/चेन्नई/गुवाहाटी
विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के ताज़ा रुझानों ने देश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। दक्षिण भारत के दो प्रमुख राज्यों, तमिलनाडु और केरलम से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। जहाँ तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन खुद अपनी सीट पर संघर्ष कर रहे हैं, वहीं केरलम में कांग्रेस गठबंधन (UDF) सत्ता की ओर मजबूती से बढ़ता दिख रहा है। तमिलनाडु : स्टालिन पिछड़े, एक्टर विजय की धमाकेदार एंट्री
तमिलनाडु के रुझानों ने राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान कर दिया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन अपनी पारंपरिक सीट कोलाथुर से पीछे चल रहे हैं।
शुरुआती रुझानों के अनुसार, सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK करीब 70 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों में TVK 2 सीटों पर, AIADMK 3 और DMK 1 सीट पर आगे दिखाई दे रही है।
कुल सीटों के हिसाब से तमिलनाडु में DMK 46 सीटों पर बढ़त के साथ मुकाबला कड़ा करने की कोशिश में है।
केरलम : UDF ने मारी बाजी, बाजी पलटते हुए कांग्रेस आगे
केरलम में 'सत्ता परिवर्तन' का रिवाज बरकरार रहता दिख रहा है।
कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF गठबंधन को 83 सीटों पर बढ़त हासिल हो गई है, जो बहुमत के आंकड़े से कहीं आगे है।
सत्ताधारी LDF फिलहाल 53 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल के अनुमानों के अनुरूप ही यहाँ कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनती दिखाई दे रही है।
असम और पुडुचेरी : बीजेपी की मजबूत वापसी
उत्तर-पूर्वी राज्य असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपनी पकड़ मजबूत करती दिख रही है।
असम : मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी 69 सीटों पर आगे चल रही है, जिससे सत्ता में वापसी के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।
पुडुचेरी : यहाँ भी बीजेपी 22 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे NDA गठबंधन की वापसी तय मानी जा रही है।
रुझानों के आने के साथ ही राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। दोपहर तक इन सभी राज्यों की अंतिम तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।



