किसानों को उचित मूल्य दिलाने वाली योजना का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान

भोपाल
मध्यप्रदेश शासन की किसान हितैषी एवं नवाचार आधारित भावांतर भुगतान योजना-2025 को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार 20 जून 2026 को पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, अगस्त क्रांति मार्ग, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व और किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना के मार्गदर्शन में भावांतर योजना-2025 तथा ई-मंडी योजना को एकीकृत डिजिटल ढांचे के अंतर्गत सफलतापूर्वक लागू किया गया है। यह पहल किसानों को मूल्य संरक्षण, त्वरित भुगतान और पारदर्शी कृषि विपणन व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भावांतर योजना-2025 के अंतर्गत सोयाबीन की खरीदी पूर्णतः ई-मंडी एप्लीकेशन के माध्यम से की गई। यह देश में पहली बार लागू की गई एक अभिनव व्यवस्था है जिसका उद्देश्य किसानों को बाजार भाव में गिरावट से सुरक्षा प्रदान करना है। योजना में न्यूनतम समर्थन मूल्य और वास्तविक बिक्री दर/मॉडल रेट के बीच के अंतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित की जाती है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो सके।
मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल की ओर से यह सम्मान प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम के निर्देशन में सहायक संचालक योगेश नागले, गोविंद शर्मा एवं निरंजन सिंह द्वारा ग्रहण किया गया। दोनों एप्लीकेशन एन.आई.सी. भोपाल द्वारा विकसित की गई हैं।
पुरस्कार समारोह में अध्यक्ष प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद प्रो. एस. महेंद्र देव, अपर सचिव विधि एवं न्याय मंत्रालय डॉ. मनोज कुमार, संचालक इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनामिक रिलेशंस डॉ. शेखर ऐय्यर, महानिदेशक आरआईएस प्रो. सचिन कुमार शर्मा, तथा अध्यक्ष स्कॉच ग्रुप समीर कोचर सहित कई गणमान्य नागरिक एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
यह उपलब्धि मध्यप्रदेश की किसान कल्याण और कृषि विपणन सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण है और राज्य की डिजिटल कृषि विपणन व्यवस्था की सफलता को रेखांकित करती है।




