मध्य प्रदेश में सरकारी बस सेवा शुरू करने की तैयारी, 40 रूट फाइनल; इलेक्ट्रॉनिक टिकट और GPS ट्रैकिंग की सुविधा

भोपाल
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में सरकारी बस सेवा शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 40 प्रमुख लंबी दूरी के बस रूट चिन्हित कर लिए हैं। राज्य सड़क परिवहन योजना के तहत इन प्रस्तावित रूटों और बस सेवा व्यवस्था पर आम जनता से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके बाद बसों के संचालन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नई सरकारी बस सेवा में यात्रियों को इलेक्ट्रॉनिक टिकट (E-Ticket) की सुविधा मिलेगी। जिन मार्गों पर यात्रियों की संख्या अधिक होगी, वहां जरूरत के अनुसार अधिक बसों का संचालन किया जाएगा। साथ ही सभी बसों में आधुनिक जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जाएंगे, जिससे हर 10 सेकेंड में बस की लाइव लोकेशन वेबसाइट पर अपडेट होती रहेगी।
PPP मॉडल पर होगा बसों का संचालन
परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार मध्यप्रदेश यात्री बस परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा अधिसूचित रूटों पर बसों का संचालन किया जाएगा। इन मार्गों के लिए राज्य परिवहन उपक्रम के नाम से परमिट जारी किए जाएंगे। साथ ही पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत निजी बस संचालकों के साथ समझौते किए जाएंगे। नई परिवहन नीति का उद्देश्य सार्वजनिक बस परिवहन को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाना है। योजना लागू होने के सात दिन बाद बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
नई बसों में मिलेंगी ये सुविधाएं
यात्रियों को इलेक्ट्रॉनिक टिकट जारी किए जाएंगे।
अधिक ट्रैफिक वाले रूट्स पर अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी।
सभी बसों में GPS ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जाएंगे, जो हर 10 सेकंड में बस की लोकेशन को वेबसाइट पर अपडेट करेंगे।
परिवहन विभाग के नोटिफिकेशन के अनुसार, इन रूट्स पर राज्य परिवहन उपक्रम के नाम पर परमिट जारी किए जाएंगे। साथ ही सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत निजी बस ऑपरेटरों के साथ समझौते भी किए जाएंगे। नई परिवहन नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बस सेवा को व्यवस्थित, सुरक्षित और समयबद्ध बनाना है। योजना लागू होने के सात दिन बाद बसों का नियमित संचालन शुरू हो जाएगा।
किन जिलों को जोड़ेंगे नए रूट्स?
योजना के तहत इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, रतलाम, धार, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, गुना, शाजापुर, देवास, सीहोर, नरसिंहपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों को जोड़ने वाले 40 महत्वपूर्ण इंटरसिटी मार्ग शामिल किए गए हैं।
इन जिलों से अलग-अलग मार्गों पर चलेगी बसें
योजना के अंतर्गत इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, रतलाम, धार, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, गुना, शाजापुर, देवास, सीहोर, नरसिंहपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों को जोड़ने वाले 40 प्रमुख इंटरसिटी मार्ग नोटिफाई किए गए हैं।
ऐसे होगी बसों की सीट संख्या
योजना के अनुसार सामान्य मार्गों पर मिडी बस (23–34 सीट) चलेंगी जो साधारण, सेमी डीलक्स और डीलक्स कैटेगरी की होंगी। इसके साथ ही इंटरसिटी मार्गों पर स्टैंडर्ड बस (35–70 सीट) संचालित की जाएंगी जो एसी डीलक्स, एसी लग्जरी, एसी सुपर लग्जरी कैटेगरी की होंगी।
बसों की क्षमता और कैटेगरी
सामान्य मार्गों पर मिडी बसें (23-34 सीट) चलाई जाएंगी, जो साधारण, सेमी डीलक्स और डीलक्स श्रेणी की होंगी।
इंटरसिटी मार्गों पर स्टैंडर्ड बसें (35-70 सीट) संचालित होंगी, जिनमें एसी डीलक्स, एसी लग्जरी और एसी सुपर लग्जरी जैसी उच्च श्रेणी की बसें शामिल होंगी।
इन प्रमुख शहरों और जिलों को मिलेगा लाभ
योजना के तहत इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, रतलाम, धार, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, गुना, शाजापुर, देवास, सीहोर और नरसिंहपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों को जोड़ने वाले 40 प्रमुख इंटरसिटी रूट अधिसूचित किए गए हैं।
बसों की सीट क्षमता और श्रेणियां
योजना के अनुसार सामान्य मार्गों पर 23 से 34 सीटों वाली मिडी बसें संचालित की जाएंगी, जिन्हें साधारण, सेमी डीलक्स और डीलक्स श्रेणियों में रखा जाएगा। वहीं इंटरसिटी रूटों पर 35 से 70 सीटों वाली स्टैंडर्ड बसें चलाई जाएंगी, जिनमें एसी डीलक्स, एसी लग्जरी और एसी सुपर लग्जरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।




