कोटमी सोनार: बदलती पुलिसिंग, नए आयाम और जनसेवा की मिसाल

अकलतरा / कोटमी सोनार:
मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर स्थित अकलतरा थाना क्षेत्र का प्रमुख गांव कोटमी सोनार अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान रखता है। एक ओर सरपट दौड़ती ट्रेनें और प्रसिद्ध मगरमच्छ संरक्षण तालाब (क्रोकोडाइल पार्क) इस गांव की पहचान हैं, तो दूसरी ओर जर्जर सड़कें, अंधेरी अंडरब्रिज और धनवार व सावरिया बहुल बस्तियों में पैर पसारता नशा यहाँ की जीवनशैली का चुनौतीपूर्ण पहलू रहा है। इसके अलावा, निर्माणाधीन भारतमाला परियोजना के कारण लगातार होने वाले हादसे भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस क्षेत्र को बेहद संवेदनशील बनाते हैं।
शिकायतों के दौर से निकलकर ‘विश्वास’ का नया सफर*
एक समय था जब कोटमी सोनार पुलिस सहायता केंद्र खुद अव्यवस्थाओं और शिकवे-शिकायतों से जूझ रहा था। लेकिन आज तस्वीर बदल चुकी है। सीमित संसाधनों, स्टाफ की कमी और गाड़ियों के अभाव के बावजूद यहाँ पुलिस की कार्यशैली में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल रहा है।
अपराधियों में खौफ और आम जनता के बीच सुरक्षा व विश्वास का माहौल कायम करना अब कोटमी पुलिस की नई पहचान बन चुका है। फिर चाहे कीचड़ में पैदल चलकर की जाने वाली रेड हो या त्वरित न्याय की प्रक्रिया, पुलिस की मुस्तैदी साफ नजर आती है।
*जनसेवा और सुरक्षा के लिए किए गए प्रमुख प्रयास
*सड़क सुरक्षा की दिशा में पहल:* अंधेरी अंडरब्रिज में रोशनी की व्यवस्था के प्रयास और हादसों को रोकने के लिए पेड़ों पर रेडियम पट्टी लगाने जैसे छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
*आपदा में मददगार बनी पुलिस: हाल ही में करनाला बांध टूटने के दौरान अमेरी गांव की जनता को रेस्क्यू करना, स्थानीय सरपंच के सहयोग से प्रभावितों के इलाज और भोजन का तत्काल प्रबंध कराना जनसेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण बना।
*सीधा जनसंवाद: ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर नशे और अपराध पर अंकुश लगाने का प्रयास निरंतर जारी है।
बदलती व्यवस्था और दलाली के धंधे पर लगाम
कोटमी पुलिस की इस नई और त्वरित न्याय वाली व्यवस्था से जहाँ एक तरफ आम ग्रामीण राहत की सांस ले रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ तथाकथित ‘कलम के सिपाही’ और चंद स्वार्थी तत्वों को यह बदलाव रास नहीं आ रहा है।
सूत्रों के अनुसार: जब से पुलिस सहायता केंद्र ने बिचौलियों और दलाली प्रथा पर नकेल कसी है, तब से निष्पक्ष जनसेवा से बौखलाए कुछ तत्व पुलिस की छवि धूमिल करने के नाकाम प्रयासों में लगे हैं। हालांकि, कोटमी पुलिस का साफ संदेश है कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ जनसेवा, सुरक्षा और निष्पक्ष कानून व्यवस्था है।













