मध्य प्रदेश

‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकालकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन ग्वाला जिलाधीश को सोपा

ग्वालियर

 दिल्ली जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण  प्रदर्शन कर छात्रों,नौजवानों पर केंद्र सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन ग्वालियर के बैनर तले अधिवक्ताओं ने 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय ग्वालियर से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला गया, इस मार्च में अधिवक्तागण नरेंद्र मोदी इस्तीफा दो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, छात्रों पर बर्बर लाठी चार्ज की दोषी सरकार मुर्दाबाद के जोरदार नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचे और फिर अधिवक्तागण ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कलेक्टर को सोपा ।

प्रदर्शन में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नरेंद्र मोदी द्वारा जंतर मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे मासूम छात्रों पर बर्बर लाठी चार्ज कराने की घटना से पूरा देश से सदमे में हैं, सरकार कि ये कार्यवाही घोर संविधान विरोधी और लोकतंत्र का गला घोंटने वाली सिद्ध हुई है। अधिवक्ताओं ने कड़े शब्दों में मोदी सरकार की निंदा की और सख्त लहजे में चेतावनी दी कि दोषियों पर जल्द कार्यवाही नहीं की गई तो आंदोलन तेज और किया जाएगा। लगभग दो सैकड़ा से ज्यादा अधिवक्तागण ने दोपहर दो बजे नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय ग्वालियर के गेट नंबर 03 पर इकट्ठे होकर कलेक्ट्रेट तक "लोकतंत्र बचाओ मार्च" निकाला ।विरोध प्रदर्शन में अधिवक्ताओं को सुबोध प्रधान एडवोकेट , रविंद्र सरवटे एडवोकेट, रतन कुमार वर्मा पूर्व जिला जज एवं एडवोकेट , शैलेश बोहरे एडवोकेट,कौशल शर्मा एडवोकेट,पवन यादव  एडवोकेट आदि ने संबोधित किया।   

प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन देकर मासूम छात्रों पर बर्बर लाठी चार्ज कराने वाली, घोर संविधान विरोधी एवं लोकतंत्र का गला घोंटने वाली मोदी सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई।

अभिभाषकों के विरोध प्रदर्शन मार्च में  एस बी पाराशर एडवोकेट, कौशल शर्मा एडवोकेट, एस पी चतुर्वेदी एडवोकेट, ओपी अग्रवाल

एडवोकेट, सुरेश कुशवाह, आकांक्षा धाकड़, पूजा सिसोदिया, ममता, ब्रजेश अर्गल, अवधेश कुमार मिश्रा, आनंद ठाकुर, प्रमोद गोयल, ज्योति सिंह, सूरज जाटव, ममता मौर्य, सुमित बंसल, रवि बंसल, सौरव कुशवाह, संगीता राय, मनीष जाटव, बलराम सिंह बघेल सहित लगभग दो सैकड़ा एडवोकेट्स  उपस्थित थे।

 

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