योगी सरकार में अब छोटे उद्यमों को बड़ा बनाएगा ‘आईआईएम मॉडल’

लखनऊ
योगी सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण पर लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों को तकनीकी एवं व्यवसायिक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के अंतर्गत इन्क्यूबेशन सेंटर के शुभारंभ के लिए हरी झंडी दे दी गई है। केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद यह सेंटर समूह की महिलाओं द्वारा संचालित एवं स्थापित उद्यमों को मजबूत करने, उनका विस्तार करने तथा बाजार से जोड़ने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।
बिजनेस प्लान, उत्पाद विकास, गुणवत्ता, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग और मेंटरिंग उपलब्ध कराई जाएगी
इन्क्यूबेशन सेंटर को आईआईएम लखनऊ का तकनीकी सहयोग मिलेगा। इसके माध्यम से महिला उद्यमियों को बिजनेस प्लान, उत्पाद विकास, गुणवत्ता, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल तकनीक, बाजार संपर्क एवं उद्यम विस्तार जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ मार्गदर्शन और मेंटरिंग उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, संभावनाशील उद्यमों को विशेषज्ञों, वित्तीय संस्थानों एवं बाजार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
व्यवसाय की जरूरतों के अनुरूप मिलेगा व्यवसायिक सहयोग
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि यह इन्क्यूबेशन सेंटर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उद्यम की पहचान एवं स्थापना से लेकर उसके सुदृढ़ीकरण, विस्तार और बाजार तक पहुंच बनाने में सहयोग देगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमियों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उनके वास्तविक व्यवसाय की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी एवं व्यवसायिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
इन्क्यूबेशन सेंटर निभाएगा तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका
मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अब केवल आजीविका गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बड़ी संख्या में अपने उद्यम स्थापित कर रही हैं। इन्क्यूबेशन सेंटर इन उद्यमों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन, विशेषज्ञ सहयोग और बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आईआईएम लखनऊ के सहयोग से ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय को व्यवस्थित एवं विस्तार योग्य बनाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से गांव की समूह की महिलाओं के छोटे उद्यमों को मजबूत व्यवसाय में बदलने और उनकी आय एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिलेगी।




