सावन का आखिरी सोमवार 24 अगस्त को, 4 राशियों पर बरसेगी भोलेनाथ की कृपा

हिंदू धर्म में सावन का महीना और सावन के सोमवार का व्रत बेहद पवित्र और फलदायी माना जाता है. ज्योतिषियों के नजरिए से, वर्ष 2026 में सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त 2026 को पड़ रहा है. धार्मिक व ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन अत्यंत दुर्लभ और मंगलकारी माना जा रहा है. रहने वाला है, क्योंकि इस दिन एक साथ कई महासंयोग और राजयोगों का निर्माण हो रहा है.
24 अगस्त को सिंह राशि में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य राजयोग बन रहा है. इसके साथ ही, कर्क राशि में उच्च के बृहस्पति देव विराजमान होने से 'हंस राजयोग' का निर्माण हो रहा है. इसके अतिरिक्त, पंचांग के अनुसार इस दिन प्रीति योग और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का भी अति शुभ संयोग बन रहा है.
सावन के अंतिम सोमवार पर भगवान शिव के आशीर्वाद और इन दुर्लभ राजयोगों के प्रभाव से 4 विशेष राशियों का भाग्योदय होने वाला है. आइए जानते हैं कि वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं.
मेष राशि (Aries)
प्रीति योग और शिवजी की विशेष कृपा से मेष राशि वालों के लिए यह दिन खुशियों की सौगात लाएगा. नौकरी में प्रमोशन या वेतन वृद्धि के प्रबल योग बन रहे हैं. यदि पैसों का लेन-देन या कोई बड़ा प्रोजेक्ट लंबे समय से अटका था, तो वह इस दौरान पूरा हो जाएगा.
कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति की मजबूत स्थिति 'हंस राजयोग' बना रही है, जिससे सावन के आखिरी सोमवार पर कर्क राशि वालों का भाग्य चमकेगा. समाज और कार्यस्थल पर आपका प्रभाव व प्रतिष्ठा बढ़ेगी. परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होगा. आय के नए स्रोत बनेंगे. मानसिक शांति प्राप्त होगी.
सिंह राशि (Leo)
सूर्य और बुध की युति आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में बुधादित्य राजयोग का निर्माण कर रही है. आपके आत्मविश्वास, मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता में जबरदस्त वृद्धि होगी. सरकारी क्षेत्र या उच्च अधिकारियों से बड़ा लाभ मिल सकता है. लंबे समय से अटके हुए काम गति पकड़ेंगे.
धनु राशि (Sagittarius)
सावन का आखिरी सोमवार धनु राशि के जातकों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जा रहा है. कार्यक्षेत्र और व्यापार में नए और लाभदायक अवसर प्राप्त होंगे. भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे अचानक धन लाभ और व्यावसायिक यात्राएं सफल होंगी.
सावन के आखिरी सोमवार पर जरूर करें ये उपाय
– सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद शिवलिंग पर कच्चे दूध, गंगाजल, बेलपत्र और भांग-धतूरा अर्पित करें.
– शिवलिंग के समक्ष बैठकर ऊं नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें.
– पूजा के बाद किसी गरीब या जरूरतमंद को अन्न, वस्त्र या सफेद वस्तु (जैसे दूध, चावल, चीनी) का दान करें.




