सागर से जबलपुर की दूरी होगी आधी! फोरलेन परियोजना को मंजूरी, सफर में बचेंगे ढाई घंटे

सागर
वीर बुंदेलाओं की धरती बुंदेलखंड और संस्कारधानी जबलपुर और भी नजदीक आने वाले हैं. क्योंकि बुंदेलखंड के सागर और महाकौशल की जबलपुर के बीच नया फोर लाइन बनाने को लेकर मंजूरी मिली है. यह फोर लाइन सागर से शुरू होकर रहली होते हुए पाटन के आसपास से जबलपुर तक जाएगा. यह नया फोर लाइन के निर्माण होने से इन दोनों शहरों के बीच की दूरी लगभग 20 से 25 किलोमीटर कम हो जाएगी. इस फोर लाइन निर्माण के लिए फाइनल डीपीआर बनाकर तैयार हो रहा है।
मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को इस फोर लाइन बनने के लिए नूडल एजेंसी चुना गया है, जिसमें 1486 करोड़ की लागत से ग्रीन फील्ड हाईवे को बनाया जाएगा. इसमें 1230 करोड़ की लागत से सिविल वर्क किया जाएगा. 40 करोड़ रुपए में अधिग्रहण का काम होगा और 28 करोड रुपए शिफ्टिंग सहित अन्य कार्यों में खर्च किए जाएंगे।
बता दें कि सागर से जबलपुर तक जाने के लिए तीन रास्ते हुआ करते हैं जिसमें अधिकांश लोग सागर से दमोह होते हुए जबलपुर तक जाना पसंद करते हैं. क्योंकि यह स्टेट हाईवे है, सड़क अच्छी कंडीशन में है और टोल टैक्स में भी कम पैसे लगते हैं जिसकी दूरी लगभग 180 किलोमीटर है. वहीं, दूसरा रास्ता नेशनल हाईवे 44 से होकर गुजरता है, जिसमें देवरी के आगे राजमार्ग चौराहा से होते हुए जाते हैं. लेकिन इसमें टोल टैक्स नेशनल के हिसाब से लगता है. इसलिए कम लोग इससे सफर करते हैं।
नए सिरे से बनेगा फोर लाइन
वहीं, तीसरा रास्ता सागर से रहली होते हुए जबलपुर तक जाते हैं, जिसकी दूरी लगभग 155 किलोमीटर है. लेकिन इसमें नौरादेही टाइगर रिजर्व का लगभग 22 किलोमीटर का रास्ता सिंगल पटरी है और 22 किलोमीटर में ही ब्रेकर बने हुए हैं, जिसमें काफी समय लगता है साथ ही ईंधन की भी बर्बादी होती हैं. यह रास्ता अंग्रेजों के जमाने से ही उपयोग में है और जो नए सिरे से फोर लाइन बनेगा उसमें लगभग 20 किलोमीटर की दूरी कम होकर 135 किलोमीटर का रास्ता रह जाएगा. ऐसे में सागर से दमोह होकर जबलपुर जाने वाली लोग अगर इस रास्ते का इस्तेमाल करेंगे तो लगभग 40 से 45 किलोमीटर का चक्कर बचने लगेगा. ऐसे में समय और ईंधन की भी बचत होगी. इसके साथ ही अभी जबलपुर तक जाने के लिए जो 4 से 5 घंटे का समय लगता है, वह ढाई से 3 घंटे में पूरा होना लगेगा।
अब सागर से बनाए जाने वाली फोर लाइन को इसी टाइगर रिजर्व के किसी नए से से गुजरने का अनुमान लगाया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई भी हो सकती है. लेकिन इसके लिए ग्रीन फील्ड डीटेल्ड रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसमें पेड़ों को काटने के बदले नई जगह पर लगाए जाने की भी जिम्मेदारी होगी।
इन गांव से होकर गुजर सकता है हाईवे
सागर की यूनिवर्सिटी घाटी से शुरू होकर यह 4 लाइन पथरिया जाट, बम्होरी बीका, ढाना, जामघाट, पटना होते हुए रहली बाईपास से पंढरपुर, मोहार, तिखी तिराहा, रजवास के बाद यह लगभग 20 किलोमीटर मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व से होकर गुजरते हुए तेंदूखेड़ा तक पहुंचेगी और इसके लिए लगभग 27 हैकटेयर वन भूमि को अधिगृहित किया जाएगा. इसके बाद पाटन को जोड़ते हुए जबलपुर तक पहुंचेगी. हालांकि, टाइगर रिजर्व और रहली के किस हिस्से से यह फोर लाइन निकलेगा. यह फाइनल डीपीआर आने के बाद ही तय हो सकेगा।




