मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में बारिश से बढ़ी चिंता, सोन नदी उफान पर; CM ने कलेक्टरों को दिए मुस्तैद रहने के निर्देश

भोपाल
 एमपी में कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है। गुरुवार की शाम से भोपाल और इंदौर में भी बारिश हो रही है। इसे लेकर सीएम मोहन यादव ने प्रभावित जिलों के सभी कलेक्टर्स को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संभावित परिस्थितियों को देखते हुए अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।

जुटाकर रखें संसाधन
सीएम मोहन यादव ने सभी कलेक्टर्स को कहा है कि आवश्यक संसाधनों को पहले से जुटाकर तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि विशेष रूप से आज शाम भारी बारिश की चेतावनी है। साथ ही कल दोपहर में उत्तरी मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह से सतर्क और मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिृश्चित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

विंध्य में बढ़ीं मुसीबतें
वहीं, विंध्य इलाके में लगातार बारिश से मुश्किलें बढ़ गई हैं। सतना, चित्रकूट, रीवा, सीधी और सिंगरौली में नदी-नाले उफान पर हैं। कई इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाणसागर बांध के कई गेट खोले गए हैं।

अब तक 27.7 इंच बारिश, सामान्य से पीछे
मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 702.9 मिलीमीटर यानी 27.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य स्थिति में इस अवधि तक करीब 37.3 इंच बारिश होती है। यानी प्रदेश अभी सामान्य बारिश के आंकड़े से करीब 3.1 इंच पीछे है। सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा पूरा करने के लिए सितंबर में अभी करीब 9.6 इंच बारिश की जरूरत बताई गई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। खासकर पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश हुई है। छतरपुर के राजनगर में करीब 195 मिमी, खजुराहो में 178 मिमी और पन्ना में 164 मिमी बारिश दर्ज की गई। 

9 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, सीधी और सिंगरौली समेत अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 

कुछ इलाकों में अभी भी बारिश कम
प्रदेश में औसत बारिश सामान्य आंकड़े से पीछे है। वहीं बारिश का वितरण भी एक जैसा नहीं है। कुछ जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है, जबकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कई हिस्सों में जलस्रोतों और बांधों की स्थिति अन्य क्षेत्रों की तुलना में कमजोर बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नदियों, नालों और बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए। निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी पहले से रखी जाए। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि बारिश के दौरान प्रशासन किसी भी स्थिति में इंतजार करने के बजाय पहले से तैयारी रखे और जरूरत पड़ते ही तत्काल कार्रवाई करे। 

ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया
सीधी जिले में सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। केंद्रीय जल आयोग के 4 सितंबर सुबह 6 बजे के बुलेटिन के मुताबिक सोन नदी कोल्दह ब्रिज और चुरहट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कोल्दह ब्रिज पर सोन नदी का जलस्तर 238.30 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का स्तर 238.25 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 0.05 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि यहां जलस्तर फिलहाल स्थिर है।

वहीं, चुरहट में सोन नदी का जलस्तर 245.09 मीटर पहुंच गया है। यहां खतरे का स्तर 243 मीटर है। यानी नदी 2.09 मीटर ऊपर बह रही है। राहत की बात यह है कि चुरहट में जलस्तर में गिरावट का रुझान दर्ज किया गया है।

कलेक्टरों को लगातार निगरानी रखने को कहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहना होगा। संबंधित जिलों में अधिकारियों को परिस्थितियों का लगातार आकलन करने और जरूरत के मुताबिक तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

मध्यप्रदेश में मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं, ताकि बारिश के दौरान आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें।

कलेक्टर ने अधिकारियों को किया अलर्ट
सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा ने अधिकारियों को दोनों स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है। कलेक्टर ने जिले के अमृत सरोवर, बांध, नदियों और चेक डैम की स्थिति की भी जांच करने और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

 

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button