राष्ट्रीय

हज कमेटी की 60 हजार वर्गफीट जमीन का मामला, आजम खान समेत 5 पर केस

  रामपुर
रामपुर जेल में बंद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां को फिर से झटका लगा है। सपा नेता आजम खां समेत पांच लोगों के खिलाफ लखनऊ के थाने में विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज कराई है। लखनऊ हज कमेटी की करीब 60 हजार वर्ग फीट जमीन को बेचने के मामले में आजम खान के साथ ही हज कमेटी के तत्कालीन सचिव लईक अहमद, डॉक्टर एमएए खान, अमीश डेवलपर्स के मालिक मोहम्मद अय्यूब और मुस्तकीम अहमद पर भी एफआईआर दर्ज हुई है। आरोप है कि हज समिति के नियमों का उल्लंघन कर प्राइवेट बिल्डर को जमीन बेची गई है। जिसके चलते सरकार को दो करोड़ आठ लाख रुपये से ज्यादा के राजस्व का नुकसान हुआ है।

लखनऊ विजिलेंस के निरीक्षक ध्रुव चंद्र मौर्य ने आठ सितंबर को एफआईआर दर्ज कराई है। जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-बी के साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 12, 13(1) (बी) और 13(2) लगाई गई हैं। इसमें आजम समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। उस समय आजम राज्य हज समिति के अध्यक्ष थे। दूसरा आरोपी लईक अहमद को बनाया है जो हज समिति के तत्कालीन सचिव रह चुके हैं। इसके अलावा तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि नियम और शर्तों को दरकिनार करते हुए लखनऊ हज कमेटी की जमीन अमीश डेवलपर्स को बेच दी गई। इस पूरे सौदे में सरकार को दो करोड़ आठ लाख रुपये से ज्यादा के राजस्व का नुकसान होने की बात सामने आई है।

आजम पर केस में कोर्ट नहीं पहुंचा विवेचक, वारंट जारी
वहीं दूसरी ओर धोखाधड़ी मामले में जेल में बंद सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां के खिलाफ एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चल रहे गवाह को धमकाने के केस में बुधवार को विवेचक गजेंद्र त्यागी फिर कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। जिस पर अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।

जौहर विवि के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश पर सुनवाई आज
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के विरुद्ध मंडलायुक्त कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई 10 सितंबर को होनी है। मालूम हो कि डीएम एवं आरडीए उपाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी ने 15 जुलाई के आदेश में जौहर यूनिवर्सिटी के 40 भवनों में से 38 भवनों को अवैध मानते हुए ध्वस्त करने का आदेश दिया था। जौहर यूनिवर्सिटी व ट्रस्ट की ओर से इस आदेश को मंडलायुक्त कोर्ट में चुनौती दी गई है। फिलहाल याचिका के अंगीकरण पर ही सुनवाई चल रही है। पिछली सुनवाई की तिथि 25 अगस्त थी, जिसमें सुनवाई नहीं हो सकी थी। इस बीच मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह को कार्यमुक्त कर दिया गया था।

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