बुलेट ट्रेन चलाने वाले ड्राइवरों की होगी खास ट्रेनिंग, 2027 में शुरू होगी सेवा; जानें कितनी मिलेगी सैलरी

मुंबई
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के रूप में आगे बढ़ रही है. इसके साथ ही लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि इसके लिए किस तरह से ड्राइवरों का चयन किया जाएगा. सामान्य लोको पायलट से वह किस तरह अगल होगा और उन्हें कितनी सैलरी मिलेगी. बुलेट ट्रेन का संचालन नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के माध्यम से किया जाएगा. ऐसा भी माना जा रहा है कि बुलेट ट्रेन के लिए ड्राइवरों का चयन कड़े मानकों के साथ किया जाएगा. उम्मीदवारों को मेडिकल फिटनेस, अच्छी दृष्टि, तेज प्रतिक्रिया क्षमता और साइकोमेट्रिक टेस्ट से गुरना पड़ सकता है. इसके लिए ट्रेन की संचालन की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
सामान्य ट्रेनों से कितना अलग
बुलेट ट्रेन सामान्य ट्रेन से काफी अलग होता है. इसके आधुनिक टेक्नोलॉजी, हाई स्पीड ब्रेकिंग सिस्टम और सुरक्षा के भी कई अनिवार्य सुरक्षा के इंतजाम किया गया है, जिसके लिए चयनित उम्मीदवारों को लंबा तकनीकी ट्रेनिंग और प्रैक्टिस कराया जाएगा. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें बुलेट ट्रेन चलाने की अनुमति मिलेगी।
कितनी होगी सैलरी?
हालांकि, बुलेट ट्रेन ड्राइवरों की सैलरी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. मौजूदा रेलवे के अनुभवी मेल, एक्सप्रेस लोको पायलट कई तरह के भर्तों को मिलाने के बाद से 60 से 90 हजार रुपये होती है. हालांकि, बुलेट ट्रेन के ड्राइवरों को इससे ज्यादा सैलरी मिलने की संभावना है. कई मीडिया रिपोर्ट की माने तो, इनको 40 हजार से लेकर 1, 25,000 रुपये तक की सैलरी मिल सकती है।
कौन बन सकता है ड्राइवर?
भारत में पहली बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी तेज हो गई है. मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलने वाली इन ट्रेनों के लिए ड्राइवर यानी HSR Pilot की जरूरत होगी. यह जिम्मेदारी सामान्य ट्रेनों के लोको पायलट से अलग और ज्यादा तकनीकी होगी. बुलेट ट्रेन का ड्राइवर बनने के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या डिग्री होनी चाहिए. इसके साथ भारतीय रेलवे या सरकारी मेट्रो में ट्रेन चलाने का कम से कम 3 साल का अनुभव जरूरी रखा गया है. इसका मतलब साफ है कि कोई व्यक्ति सीधे फ्रेशर के तौर पर बुलेट ट्रेन का ड्राइवर नहीं बन सकता।


