मध्य प्रदेश

वंदे भारत को मिलेगी और रफ्तार, BHEL बनाएगा 80 ट्रेनें; भोपाल में तैयार होंगे मोटर

भोपाल
देश में अर्ध-तेज गति वाली रेल सेवाओं के विस्तार में भोपाल की भूमिका अब और ज्यादा मजबूत होने जा रही है। भारतीय रेल नेटवर्क पर दौड़ने वाली आधुनिक ट्रेनों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। BHEL-टीटागढ़ वैगन्स लिमिटेड (Titagarh Wagons Ltd) समूह को 80 वंदे भारत ट्रेनसेट के निर्माण के लिए 23,000 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम ऑर्डर मिला है। इस मेगा प्रोजेक्ट में ट्रेनों के निर्माण के साथ-साथ अगले 35 साल तक उनके रखरखाव की बड़ी जिम्मेदारी भी शामिल है।

भोपाल यूनिट तैयार करेगी ट्रेनों का मोटर और विद्युत तंत्र
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में BHEL की भोपाल इकाई मुख्य रूप से ट्रेनों के मोटर तैयार करने का काम करेगी। इसके अलावा, कंपनी की भोपाल, बेंगलुरु और झांसी इकाइयां मिलकर इन आधुनिक ट्रेनों के लिए जरूरी प्रणोदन और विद्युत तंत्र का निर्माण करेंगी। ये सभी प्रणालियां ट्रेन के सुचारू संचालन के लिए बेहद जरूरी होती हैं। यही तंत्र ट्रेन में बिजली की आपूर्ति और उसे तेज गति प्रदान करने का काम करते हैं, इसलिए इन्हें तकनीकी रूप से ट्रेन का 'इलेक्ट्रिक हार्ट' भी कहा जा सकता है।

बड़ा प्रोजेक्ट और लंबी जिम्मेदारी
BHEL-टीटागढ़ वैगन्स समूह को 80 वंदे भारत ट्रेनसेट के लिए 23,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर मिला है। इस अनुबंध में ट्रेनों के निर्माण के साथ-साथ 35 साल तक का लंबा रखरखाव भी शामिल है।

176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए तैयार होंगी ट्रेनें
नई पीढ़ी की इन वंदे भारत ट्रेनों को अधिकतम 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया जाएगा, जबकि इनका नियमित परिचालन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा। इस पूरी परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल ट्रेन डिब्बों का निर्माण ही शामिल नहीं है, बल्कि उनके एकीकरण, परीक्षण और दीर्घकालिक रखरखाव का जिम्मा भी संयुक्त रूप से उठाया जाएगा।

तीन इकाइयों की विशेषज्ञता का होगा इस्तेमाल
इस परियोजना के जरिए BHEL अपनी अलग-अलग निर्माण इकाइयों की विशेषज्ञता का पूरा इस्तेमाल करेगा। भोपाल के साथ-साथ बेंगलुरु और झांसी की यूनिट्स भी मिलकर काम करेंगी। ट्रेनसेट पूरी तरह तैयार होने के बाद उनके परीक्षण और मेंटेनेंस का काम दोनों कंपनियां मिलकर संभालेंगी, जिससे रेलवे सफर को और अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सके।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button