भोजपुर में 31 सड़कों का भूमिपूजन- हर गांव को सड़क से जोड़ना हमारा लक्ष्य- शिवराज सिंह चौहान

भोपाल
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र भोजपुर और मंडीदीप के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने भोजपुर के विनेका में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण का शुभारंभ किया। साथ ही रायसेन जिले में 84 किलोमीटर से अधिक लंबाई की 31 सड़कों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास, गरीबी उन्मूलन, किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए सरकार की योजनाओं और कार्ययोजना पर विस्तार से संवाद किया। दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण भी किया। इसके अलावा सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यार्थियों को आवश्यक सामग्री वितरित की और अलग-अलग शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किए। नवरात्रि के पावन अवसर पर शिवराज सिंह चौहान रायसेन स्थित कंकाली मंदिर भी पहुंचे। यहां उन्होंने मां कंकाली के दर्शन-पूजन कर देशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
हर गांव को सड़क से जोड़ना हमारा लक्ष्य
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, हमारा प्रयास है कि हर गांव सड़क से जुड़े और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। भोजपुर में आज 31 सड़कों का भूमिपूजन किया गया है, जो आसपास के छोटे-छोटे मजरा-टोलों को जोड़ने में मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि अभी 30 सड़कें और शेष हैं। उनके लिए भी प्रयास किए जाएंगे। हालांकि, सड़क निर्माण के लिए आबादी सहित निर्धारित मापदंडों का ध्यान रखना पड़ता है, लेकिन हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक गांवों और बस्तियों तक सड़क सुविधा पहुंचे।
रायसेन जिले को गरीबी मुक्त गांव का पहला मॉडल बनाएंगे
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प गांवों को गरीबी से मुक्त बनाना है। गरीबी मुक्त गांव का अर्थ केवल योजनाओं का लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि हर परिवार को स्थायी आजीविका से जोड़ना है। हर परिवार के पास कोई न कोई काम-धंधा और कमाई का साधन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह काम कठिन जरूर है, लेकिन असंभव नहीं है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार की टीम को भेजा गया है और इसी महीने रायसेन में बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें भारत सरकार और प्रदेश सरकार के अधिकारी शामिल होंगे। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बैठक में हर गांव की मैपिंग की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि किन परिवारों के पास आजीविका का कोई साधन नहीं है और उन्हें किस प्रकार रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा सकता है। खेती से संबंधित प्रोसेसिंग, पशुपालन, मछली पालन, बकरी पालन, गाय पालन, मधुमक्खी पालन और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में आजीविका के मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रायसेन जिले में गरीबी मुक्त गांव का देश का पहला मॉडल विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
गरीबी किसी के माथे पर कलंक बनकर नहीं रहनी चाहिए
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीबी और मजबूरी में जीवन बिताना बहुत कठिन होता है। हमारा प्रयास है कि किसी भी परिवार को मजबूरी में जीवन न जीना पड़े। गरीबी किसी के माथे पर कलंक बनकर नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान को गति देने के लिए विधायक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला प्रशासन, प्रदेश सरकार और भारत सरकार की टीमें मिलकर काम करेंगी। हमारा लक्ष्य है कि हर परिवार को आजीविका का साधन मिले और उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो।
किसानों को उन्नत खेती का प्रशिक्षण दिलाएगी सरकार
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को बेहतर बनाने के लिए उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। किसानों के एक समूह को हाल ही में भुवनेश्वर भेजा गया है। किसानों के आने-जाने, रहने, खाने और प्रशिक्षण की व्यवस्था सरकार की ओर से की जा रही है। किसानों को दिल्ली, भुवनेश्वर, पंजाब और देश के अन्य उन क्षेत्रों में ले जाया जाएगा, जहां खेती के बेहतर तरीके अपनाए जा रहे हैं। वहां कृषि वैज्ञानिक किसानों को नई तकनीकों, आधुनिक पद्धतियों और खेती के नए प्रयोगों की जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत खेती के तरीके सीखने होंगे। सरकार प्रशिक्षण और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों की मदद करेगी, ताकि खेती की लागत, उत्पादन और आमदनी से जुड़ी चुनौतियों का समाधान किया जा सके।
फल, फूल और सब्जियों की खेती को बढ़ावा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केवल सोयाबीन और धान की खेती से किसानों की सभी जरूरतें पूरी नहीं हो सकतीं। अब खेती में विविधता लाने की आवश्यकता है। किसानों को फल, फूल, सब्जियों और औषधीय पौधों की खेती की ओर भी बढ़ना होगा।




