छत्तीसगढ़

डबरी पारा तालाब का होगा कायाकल्प, किनारों पर पाथवे, बेंच और घाट बनेंगे

रायपुर

सुबह-शाम टहलने के लिए तालाब किनारे पाथवे, बैठने के लिए बेंच, लोगों की सुविधा के लिए तीन घाट और परिसर में बेहतर रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट… लोरमीवासियों का यह सपना जल्द पूरा होने जा रहा है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव की पहल पर लोरमी के डबरी पारा तालाब के जीर्णोद्धार से नागरिकों को शीघ्र ये सुविधाएं मिलेंगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा इसके लिए दो करोड़ 57 लाख 62 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। इस राशि से तालाब की सफाई और गहरीकरण के साथ पानी की गुणवत्ता सुधारने तथा बारिश व अतिरिक्त पानी की सुरक्षित निकासी के कार्य किए जाएंगे।

मिशन अमृत 2.0 के तहत डबरी पारा तालाब की सफाई और पुनर्जीवन के साथ बेहतर जल निकासी, जल गुणवत्ता सुधार, हरियाली, प्रकाश व्यवस्था तथा नागरिक सुविधाओं का विकास कर पूरे परिसर को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा। तालाब का कुल परियोजना क्षेत्र 7026 वर्गमीटर है, जिसमें 4615 वर्गमीटर जल क्षेत्र शामिल है। डबरी पारा तालाब के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के कार्य को 9 महीनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण पूरा होने के बाद पांच वर्ष का संचालन-संधारण भी परियोजना में शामिल है।

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने मिशन अमृत 2.0 के तहत स्वीकृत इस कार्य के लिए लोरमीवासियों को बधाई देते हुए कहा कि डबरी पारा तालाब का जीर्णोद्धार नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाएगा। लोगों को टहलने के लिए पाथवे, बैठने के लिए बेंच और तीन घाटों की सुविधा मिलेगी। सोलर लाइट और हरियाली से तालाब परिसर को सुंदर एवं सुव्यवस्थित बनाया जाएगा। हमारा उद्देश्य शहरी विकास को नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों से जोड़ना और सार्वजनिक स्थलों को अधिक उपयोगी बनाना है।

सुरक्षित किनारे, सुविधाजनक घाट और घूमने के लिए पाथवे

परियोजना के अंतर्गत डबरी पारा तालाब के आसपास नागरिकों के चलने और घूमने के लिए पाथवे बनाया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए तीन घाटों का निर्माण होगा। किनारों को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए आरसीसी रिटेनिंग वॉल बनाई जाएगी। परिसर में बेंच लगने से लोगों को बैठने की सुविधा मिलेगी। सोलर स्ट्रीट लाइट से बेहतर रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। हरियाली और इन सुविधाओं के विकास से तालाब परिसर सुंदर और सुव्यवस्थित होगा।
तालाब के पुनरुद्धार के लिए गहरीकरण, डी-सिल्टिंग, साफ-सफाई और जलकुंभी निकालने के काम भी किए जाएंगे। पानी के लिए बोरवेल और पंप लगाया जाएगा। परिसर में नागरिक सुविधाएं विकसित करने के साथ तालाब की सफाई एवं पुनर्जीवन के कार्य भी किए जाएंगे।

साफ पानी और बेहतर निकासी पर जोर

तालाब के पानी की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए 4 फ्लोटिंग एरेटर लगाए जाएंगे। दूषित जल के उपचार के लिए 10 केएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। जल गुणवत्ता में सुधार के ये कार्य तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का प्रमुख हिस्सा है। बारिश और अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए नालियां भी बनाई जाएंगी। वर्षा के पानी को प्राकृतिक रूप से छानने और व्यवस्थित करने के लिए बायो-स्वेल का निर्माण किया जाएगा। तालाब में अतिरिक्त पानी होने पर उसकी सुरक्षित निकासी के लिए ओवरफ्लो पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी। इन व्यवस्थाओं से तालाब परिसर में नागरिक सुविधाओं के साथ पानी की निकासी को भी सुव्यवस्थित किया जाएगा।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव  सोनमणि बोरा ने विभागीय और लोरमी नगर पालिका के अधिकारियों को निर्माण के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यों की नियमित निगरानी कर उन्हें निर्धारित 9 माह की अवधि में पूरा करने को कहा है। उन्होंने जल शोधन और निकासी से जुड़े कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा निर्माण के बाद पांच वर्ष के संचालन-संधारण की अच्छी व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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