जांजगीर: सरकारी स्कूल में बच्चों से धान साफ करवाने का मामला, शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

जांजगीर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर और शिक्षकों की लापरवाही के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला जांजगीर जिले से है, जहां एक सरकारी स्कूल में बच्चों से पढ़ाई के बजाय धान साफ करवाया जा रहा है। यह घटना छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है, जहां बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्कूल के “मास्टर जी” बच्चों से धान छंटवाने का काम करवा रहे हैं। यह तस्वीर उस समय सामने आई है जब राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने का दावा कर रही है।
यह पहला मौका नहीं है जब छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों से ऐसी खबरें आई हैं। पहले भी शिक्षकों के नशे में स्कूल पहुंचने और बच्चों से अन्य काम करवाने जैसे मामले सामने आ चुके हैं। ये घटनाएं न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन हैं, बल्कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।
इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की जवाबदेही कौन तय करेगा? क्या बच्चों को स्कूल सिर्फ धान साफ करने और शिक्षकों की सेवा करने के लिए भेजा जा रहा है? संबंधित विभाग को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
राज्य सरकार और शिक्षा विभाग को इस दिशा में गंभीरता से विचार करना होगा कि आखिर सरकारी स्कूलों में शिक्षा का गिरता स्तर कैसे सुधारा जाए और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे प्रदान की जाए। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे मामलों पर अंकुश लगाना बेहद जरूरी है।





