11 बजे ही ताला,हरदी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मनमानी पर ग्रामीणों में रोषकार्यकर्ता पति की दबंगई मीटिंगों में खुद रहते है उपस्थित तो वही भाजपा का ठप्पा बन गया ढाल

समय से पहले बंद हो जाता है हरदी आंगनबाड़ी, कार्यकर्ता की अनुपस्थिति से बच्चों का भविष्य अधर में

चंद्रपुर:— नगर से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत हरदी का आंगनबाड़ी केंद्र, जो डभरा विकासखंड एवं चंद्रपुर सेक्टर के अंतर्गत संचालित है, लापरवाही और उदासीनता का शिकार बना हुआ है। केंद्र में न तो निर्धारित समय का पालन किया जा रहा है और न ही बच्चों की नियमित उपस्थिति देखी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह “भगवान के भरोसे” चल रहा है। यहां की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका मनमर्जी से आती-जाती हैं। अक्सर दोनों अनुपस्थित रहती हैं, और जब कभी केंद्र आती भी हैं तो 11 या 12 बजे तक ताला लगाकर घर लौट जाती हैं।
जब हमारे संवाददाता दोपहर करीब 12 बजे हरदी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे, तो केंद्र पर ताला लटका मिला। आसपास के ग्रामीणों से जानकारी लेने पर पता चला कि कार्यकर्ता सुबह करीब 11 बजे ही केंद्र बंद कर घर चली गई थीं, जबकि आंगनबाड़ी का निर्धारित संचालन समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक का है।

बच्चों की उपस्थिति पर भी सवाल

कार्यकर्ता की अनुपस्थिति का सीधा असर बच्चों की उपस्थिति पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, जब कार्यकर्ता और सहायिका समय पर केंद्र नहीं आतीं, तो बच्चे भी केंद्र आना छोड़ चुके हैं। यही कारण है कि केंद्र में अब न तो शिक्षण गतिविधियाँ नियमित हो रही हैं और न ही बच्चों को मेनू के अनुसार पौष्टिक भोजन मिल पा रहा है। गांव के एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “यहां की कार्यकर्ता और सहायिका कभी समय पर नहीं आतीं। 11 या 12 बजे तक आंगनबाड़ी बंद करके चली जाती हैं। हमने कई बार शिकायत करने की सोची, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के डर से चुप रह जाते हैं।”

कार्यकर्ता की जगह पति रहते है बैठक में

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित कार्यकर्ता के पति भाजपा से जुड़े होने का हवाला देकर खुलेआम दबंगई करते हैं ऐसा आरोप लग रहा है। चाहे पाक्षिक हो या मासिक बैठक, कार्यकर्ता की बजाय उनके पति ही शामिल होते हैं और बड़े नेताओं का नाम लेकर अधिकारियों पर धौंस जमाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारी सब जानते हुए भी कार्रवाई नहीं करते। जांच के नाम पर कागजों में सब कुछ सही दिखा दिया जाता है। आंगनबाड़ी योजना, जो बच्चों के पोषण और शिक्षा सुधार के लिए चलाई जा रही है, हरदी में पूरी तरह बदनाम हो चुकी है। भाजपा का नाम लेकर दबंगई करने वाले कार्यकर्ता के पति न केवल सरकारी योजनाओं को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि क्षेत्र और पार्टी की छवि भी धूमिल कर रहे हैं।

पर्यवेक्षक की लापरवाही से आंगनबाड़ी केंद्रों में अव्यवस्था..हटाने की मांग

चंद्रपुर सेक्टर में पर्यवेक्षक की लगातार अनुपस्थिति के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। निरीक्षण न होने से कार्यकर्ताओं पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है, जिसके चलते अधिकांश आंगनबाड़ियां मनमाने ढंग से संचालित हो रही हैं। क्षेत्र की कई सहायिकाएं तो बच्चों को बुलाने घरों तक नहीं जातीं, जिसके कारण बच्चों को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा दोनों से वंचित होना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि वर्तमान पर्यवेक्षक को एक साथ दो जगहों का प्रभार दे दिया गया है वे डभरा ब्लॉक के धूरकोट सेक्टर की पर्यवेक्षक हैं, साथ ही चंद्रपुर सेक्टर का अतिरिक्त प्रभार भी उन्हें सौंपा गया है।इस दोहरे दायित्व के कारण वे नियमित निरीक्षण नहीं कर पा रही हैं, जिससे क्षेत्र की आंगनबाड़ियों में मनमानी और अव्यवस्था का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से शीघ्र व्यवस्था सुधारने और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने की मांग की है।

वर्जन….

आपके माध्यम से जानकारी मिली है शीघ्र ही उचित जांच की जाएगी एवं संबंधित के विरुद्ध नोटिस जारी किया जाएगा।

मलय धुरंधर परियोजना अधिकारी डभरा

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