संयुक्त संचालक कृषि बिलासपुर पर ‘मनमानी’ फेरबदल का आरोप: ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी महिमा डोली पाल का अस्थाई स्थानांतरण, विरोध के स्वर बुलंद

बिलासपुर/जांजगीर-चांपा (छ.ग.): संयुक्त संचालक कृषि, बिलासपुर संभाग, बिलासपुर कार्यालय पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी कु. महिमा डोली पाल के अस्थाई स्थानांतरण/पदस्थापना में ‘मनमानी’ करने का आरोप लग रहा है। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब अधिकारी के मूल पदस्थापना क्षेत्र (सिवनी च., बलौदा) में कार्यों के प्रभावित होने की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं।
कार्यालय संयुक्त संचालक कृषि, बिलासपुर संभाग द्वारा दिनांक 18 जनवरी 2022 को जारी आदेश क्रमांक स्था/RAEO/मूल्या. /2021-22/3998 के तहत यह निर्देश जारी किए गए हैं:
विवादित आदेश और ‘मनमानी’ फेरबदल
- अधिकारी का नाम: कु. महिमा डोली पाल, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी।
- स्थाई पदस्थापना:ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी क्षेत्र शिवानी (च) वरिष्ट कृषि विकास अधिकारी बलोदा जिला जांजगीर चाम्पा (छ.ग.) को अन्य आगामी आदेश तक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी क्षेत्र रसेड़ा, विकासखंड अकलतरा, जिला जांजगीर-चांपा में कार्य संपादन करने हेतु आदेशित किया गया है।
- आरोप: इस आदेश को ‘स्थानांतरण की परिधि के अंतर्गत नहीं’ मानते हुए, इसे ‘सर्वप्रथम स्वहित’ (खुद के हित) का ध्यान रखते हुए जारी किया गया था। प्रशासनिक हल्कों में इसे विभाग के ‘रसूखदार अधिकारियों’ के कहने पर किया गया एक ‘मनमाना फेरबदल’ माना जा रहा है।
- वेतन की स्थिति: आदेश में स्पष्ट किया गया था कि आहरण (वेतन) नियमित रूप से उनके पूर्ववत स्थान/कार्यालय से ही किया जाएगा।
भविष्य के विवाद का आधार
इस अस्थाई पदस्थापना ने बाद में बड़े विवाद को जन्म दिया। - शिकायत: 2024 में, ग्राम पंचायत सिवनी (चांपा) के सरपंच ने शिकायत की थी कि महिमा डोली पाल के मूल पदस्थापना स्थल पर न रहने से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
- जनपद सदस्य का आरोप: 2025 में, जनपद सदस्य ईश्वर साहू ने महिमा पाल पर अकलतरा क्षेत्र (जहाँ उन्हें अस्थाई रूप से भेजा गया था) में किसानों से कहासुनी के कारण कृषि उपकरण वितरण में मनमानी और अनियमितता करने का गंभीर आरोप लगाया था।
अंततः, यह आदेश प्रशासनिक मनमानी और नियमों के विपरीत किए गए फेरबदल की एक श्रृंखला की शुरुआत है,



