देश ने मनाया ब्लैक डे, पीएम मोदी ने पुलवामा शहीदों को किया याद और श्रद्धांजलि अर्पित

पुलवामा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 2019 के पुलवामा हमले में शहीद सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि दी और देश के प्रति उनकी बहादुरी, समर्पण और सेवा को याद किया. उन्होंने कहा कि उनका साहस हर भारतीय को प्रेरित करता है.
पीएम मोदी ने कहा, '2019 में आज के दिन पुलवामा में अपनी जान देने वाले बहादुर हीरो को याद करते हुए. देश के लिए उनकी भक्ति, इरादा और सेवा हमेशा हमारी सोच में बसी रहेगी. हर भारतीय को उनकी हिम्मत से ताकत मिलती है.'
एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, '2019 में आज के दिन पुलवामा में अपनी जान देने वाले बहादुर हीरो को याद कर रहा हूँ. देश के लिए उनकी भक्ति, इरादा और सेवा हमेशा हमारी सोच में बसी रहेगी. हर भारतीय को उनके लगातार साहस से ताकत मिलती है.'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री ने एक्स पर लिखा, '14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले बहादुर सीआरपीएफ के जवानों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देते है. पूरा देश उनकी याद में और उनके परिवारों के साथ एकजुटता में खड़ा है. उनका बलिदान हमारे देश के लिए आतंकवाद से पैदा हुए गंभीर खतरों की याद दिलाता है. भारत हर तरह के आतंकवाद से लड़ने और उसे खत्म करने के अपने इरादे पर अडिग है. हमारी सरकार भारत को सुरक्षित बनाने के हमारे सामूहिक इरादे को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.'
अमित शाह ने किया नमन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वीर जवानों के शौर्य का स्मरण किया. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'पुलवामा आतंकी हमले में शहीद होने वाले हमारे वीर जवानों के शौर्य का स्मरण कर उन्हें नमन करता हूँ. आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है और भारत इसके समूल नाश के लिए दृढ़ संकल्पित है. आतंकवाद का सामना करने वाले हमारे सुरक्षा बलों व सुरक्षा एजेंसियों के साहस, समर्पण और बलिदान का देश सदैव ऋणी रहेगा.'
इससे पहले दिन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी बहादुर सीआरपीएफ जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि दी. उपराष्ट्रपति ने उनके बलिदान को याद करते हुए कहा कि यह बलिदान भारतीय इतिहास में हमेशा के लिए अंकित है और सदियों तक देश को प्रेरणा देता रहेगा.
उन्होंने लिखा, 'मैं पुलवामा आतंकी हमले में अपनी जान देने वाले बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देता हूं. उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा देश की याद में रहेगा और हमें एक मजबूत और सुरक्षित भारत बनाने के लिए प्रेरित करता रहेगा.'
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में 14 फरवरी, 2019 को श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे पर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाकर किए गए सबसे खतरनाक आतंकी हमलों में से एक हुआ था, जिसमें 40 सीआरपीएफ के जवान मारे गए थे.
काफिले में 78 बसें थी जिनमें करीब 2500 लोग जम्मू से श्रीनगर जा रहे थे. एक लोकल न्यूज एजेंसी के मुताबिक पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह एक सुसाइड बॉम्बर ने किया था.
हालांकि, भारत ने पाकिस्तान में आतंकी कैंपों पर एयरस्ट्राइक समेत कई काउंटर-टेरर ऑपरेशन शुरू किए, जिससे तनाव काफी बढ़ गया. पुलवामा आतंकी हमले से न सिर्फ भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा, बल्कि जम्मू-कश्मीर में बॉर्डर पार आतंकवाद और सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में चर्चा भी हुई. हमले में अपनी जान देने वाले 40 बहादुर सीआरपीएफ जवानों को याद करने के लिए इसे 'ब्लैक डे' के तौर पर मनाया जाता है.




