CDS ने बद्रीनाथ में चारधाम यात्रा की तैयारियों की की समीक्षा, 3 दिन में शुरू होगी यात्रा

बद्रीनाथ
उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा से पहले तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान गुरुवार को बदरीनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उनके दौरे को सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
सीडीएस अनिल चौहान सबसे पहले बदरीनाथ हेलीपैड पहुंचे, जहां पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान अधिकारियों ने चारधाम यात्रा को लेकर किए गए इंतजामों की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, तीर्थयात्रियों की सुविधाएं और आपदा से निपटने की तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। सीडीएस ने स्पष्ट कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू रहनी चाहिए।
तैयारियों का जायजा लिया
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की पहचान और पर्यटन की रीढ़ है, इसलिए इसमें आने वाले श्रद्धालु यहां से सकारात्मक और आध्यात्मिक अनुभव लेकर जाएं, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत रखने और हर स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश भी दिए।
सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 का शुभारंभ
इसी दौरान सीडीएस अनिल चौहान ने गढ़वाल के हिमालयी क्षेत्र में भारतीय सेना द्वारा आयोजित ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ प्रतियोगिता का भी विधिवत शुभारंभ किया। 16 से 20 अप्रैल तक आयोजित होने वाली इस साहसिक प्रतियोगिता का उद्देश्य खेलों के माध्यम से विरासत संरक्षण, पर्यटन और सीमांत क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देना है। ‘वाइब्रेंट विलेज योजना’ के तहत यह आयोजन सीमावर्ती गांवों में रोजगार और पर्यटन को नई गति देने की पहल माना जा रहा है।
प्रतियोगिता में 113 किलोमीटर की दौड़ होगी
करीब 113 किलोमीटर लंबी इस चुनौतीपूर्ण यात्रा में तीन प्रमुख केदार—कल्पेश्वर, रुद्रनाथ और तुंगनाथ को शामिल किया गया है। प्रतियोगिता में कुल 300 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 200 पुरुष और महिलाएं तथा 100 सेवा कर्मी शामिल हैं। विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए कुल 14 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी निर्धारित की गई है।
चारधाम यात्रा का काउंटडाउन
यह प्रतियोगिता तीन चरणों में पूरी होगी। पहले दिन हेलंग से कलगोठ तक 36 किलोमीटर, दूसरे दिन कलगोठ से मंडल तक 39 किलोमीटर और तीसरे दिन मंडल से ऊखीमठ तक 38 किलोमीटर की कठिन दूरी तय की जाएगी। यह आयोजन न सिर्फ साहसिक खेलों को बढ़ावा देगा, बल्कि उत्तराखंड के दूरस्थ इलाकों को भी नई पहचान दिलाने में मदद करेगा।
चारधाम यात्रा का काउंटडाउन भी शुरू हो चुका है। 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, जबकि 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसे देखते हुए सभी विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।




