जांजगीर-चांपा में पुलिसिंग पर उठे सवाल, अस्थायी एसपी के कार्यकाल में बढ़ीं घटनाएं

जांजगीर-चांपा। जिले में इन दिनों कानून-व्यवस्था को लेकर आम जनता के बीच असंतोष का माहौल बनता नजर आ रहा है। 45 दिनों के लिए पदस्थ अस्थायी एसपी नविदिता पाल के कार्यकाल में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं ने पुलिसिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में जिले में बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिससे आमजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

पूर्व में पदस्थ आईपीएस अधिकारी विजय कुमार पाण्डेय की कार्यशैली को याद करते हुए नागरिकों का कहना है कि उनके समय में अपराधियों में भय का वातावरण था और कानून का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता था। वहीं वर्तमान स्थिति को लेकर लोग असंतोष जता रहे हैं।

हाल ही में प्रकाश इंडस्ट्रीज में हुई घटना और बिर्रा थाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इन मामलों में अब तक ठोस प्रगति सामने नहीं आने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि गंभीर मामलों में भी जांच की गति धीमी है और जिम्मेदार पक्षों को लेकर स्पष्टता नहीं बन पाई है।

जिले के विभिन्न हिस्सों में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के बीच आमजन में भय का माहौल देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि वर्तमान में पुलिसिंग “भगवान भरोसे” चल रही है और जिले को एक स्थायी एवं प्रभावी एसपी की आवश्यकता है।

जनता ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द स्थिति को सुधारते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button