लखनऊ में 65 वर्षीय अशोक बहार ने दी NEET परीक्षा, बोले सपनों की कोई उम्र नहीं होती

लखनऊ
लखनऊ माण्टेसरी स्कूल में रविवार एक परीक्षा केंद्र पर रविवार को 65 वर्षीय अशोक बहार ने नीट (NEET) दी। परीक्षा कक्ष में परीक्षा दे रहे दूसरे युवा परीक्षार्थियों में चर्चा का विषय रहा। युवाओं ने अशोक हौसले का सलाम किया। अधिक उम्र होने पर परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश के दौरान तलाशी के समय पुलिस व कर्मियों को संदेह होने पर पूछताछ की, लेकिन एडमिट कार्ड व आधार के मिलान कराने पर सब कुछ सही पाए जाने पर परीक्षा की अनुमति दी। इस उम्र में अशोक की यह पहल उन युवाओं के किसी प्रेरणा से कम नहीं है। जो एक व दो बार नीट देने पर चयन न होने पर निराश हो जाते हैं। परीक्षा केन्द्र पर मौजूद परीक्षार्थियों ने अशोक की इस हिम्मत और लगन को सलाम किया।
परीक्षा देकर बाहर निकले अशोक ने बताया कि वो लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। उनके पास एलएलबी और एमबीए की डिग्री है। अशोक बहार ने यह साबित कर दिया है कि सीखने की ललक और अपने सपनों को जीने का जज्बा किसी उम्र का मोहताज नहीं होता।
अशोक बहार ने बताया कि वह एक खाद बनाने वाली कंपनी में मार्केटिंग प्रमुख के पद पर तैनात रहे हैं। परिवार में शिक्षा और चिकित्सा का माहौल रहा है। पत्नी डॉ. मंजुल बहार एक चिकित्सक हैं, और अमेरिका में हैं। उनके कई रिश्तेदार भी डॉक्टर हैं। इसी वातावरण ने उन्हें भी चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कहा कि मैंने वर्ष 2000 हजार में कंपनी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त ले लिया था।
कहा कि नीट जैसी परीक्षा के लिए तय उम्र नहीं होती। कहा कि सिर्फ उम्र या परिस्थितियों को देखकर अपने सपनों को मत छोड़िए। लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत करने का साहस हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
कहा कि मैं दवाओं के बारे में बहुत कुछ जानता हूं, लेकिन दवाएं लिख नहीं सकता। दवा लिखने के लिए डॉक्टर की डिग्री होनी चाहिए। इसलिए परीक्षा दी। परीक्षा में सफलता मिले न मिले, प्रयास करते रहना चाहिए। इससे पहले ओडिशा के सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी 64 वर्षीय किशोर प्रधान 2020 में नीट पास कर चुके हैं। इसके अलावा अलीगढ़ के 69 वर्षीय मोहन लाल नीट दे चुके हैं।




