जांजगीर-चंपा में बेखौफ अपराधी: जिला बना ‘हत्या का गढ़’, लचर पुलिसिंग पर उठ रहे गंभीर सवाल

जांजगीर-चंपा।
जिले में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था की बदहाली ने स्थानीय जनता के बीच भारी असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। हालात ये हो चुके हैं कि जांजगीर-चंपा जिला धीरे-धीरे ‘हत्या का गढ़’ बनता जा रहा है। दिन-ब-दिन सामने आ रही संगीन वारदातों ने पुलिस प्रशासन के दावों की पोल खोल कर रख दी है। जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और जानकारों का कहना है कि वर्तमान में जांजगीर-चंपा में अब तक की सबसे लचर और घटिया पुलिसिंग देखने को मिल रही है।
‘उधारी’ की कप्तानी और प्रशासनिक विफलता
जिले में कानून का इकबाल इस कदर खत्म हो चुका है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम नागरिक खौफ के साए में जीने को मजबूर है। इस प्रशासनिक विफलता के पीछे पुलिस के शीर्ष नेतृत्व पर भी सीधे सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि जब जिले में ‘उधारी की एसपी गिरी’ (कामचलाऊ या अतिरिक्त प्रभार वाली कप्तानी) के भरोसे व्यवस्था चलाई जाएगी, तो अंजाम ऐसा ही होगा।
जानकारों का कहना है कि जब एक जिम्मेदार पद पर पूर्णकालिक और सुदृढ़ नेतृत्व की कमी हो, तो मातहत अधिकारियों और थाना प्रभारियों पर से नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो जाता है। वर्तमान में जिले की लचर कानून-व्यवस्था इसी प्रशासनिक उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण है।
अगर किसी बड़े जिले की कमान मिली, तो क्या होगा?
वर्तमान कार्यप्रणाली और घटिया पुलिसिंग को देखकर अब यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि यदि वर्तमान नेतृत्व को किसी अन्य बड़े या संवेदनशील जिले की कमान सौंप दी जाए, तो वहां के हालात कितने बदतर हो जाएंगे? जब जांजगीर-चंपा जैसे शांत माने जाने वाले जिले में अपराधियों पर लगाम कसने में पसीने छूट रहे हैं, तो अन्य क्षेत्रों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही कही जा सकती है। इतने दिनों के कार्यकाल में पुलिसिंग का स्तर सुधरने के बजाय लगातार गिरता ही जा रहा है।
जनता में भारी आक्रोश
लगातार हो रही हत्याओं, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों के बाद भी पुलिस केवल औपचारिकता निभाने में व्यस्त है। बुनियादी गश्त, खुफिया तंत्र और अपराधियों में पुलिस का खौफ पूरी तरह गायब हो चुका है। यदि समय रहते पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया और अपराधियों के खिलाफ कड़े कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।




