दुनिया के पहले खरबपति बनने की राह पर एलन मस्क, कई देशों की अर्थव्यवस्था से ज्यादा हुई संपत्ति

वाशिंगटन
एलन मस्क खरबपति बनने से केवल 29 अरब डॉलर दूर हैं। उनकी संपत्ति में गुरुवार को आया 274 अरब डॉलर का उछाल उनके SpaceX के आईपीओ से आया है।एलन मस्क अब ताईवान (976.72 अरब डॉलर) आयरलैंड (779.38 अरब डॉलर), बेल्जियम (776.73 अरब डॉलर), स्वीडन (760.48 अरब डॉलर), इजरायल (719.85 अरब डॉलर), अर्जेंटीना (688.38 अरब डॉलर) जैसे देशों से भी अमीर हो गए हैं। उनका कुल नेटवर्थ इन देशों की जीडीपी से भी अधिक है।
कैसे बनेंगे दुनिया के पहले खरबपति
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक एलन मस्क की कुल दौलत 971 अरब डॉलर हो गई है। जबकि, फोर्ब्स रियल टाइम बिलियनेयर इंडेक्स के मुताबिक अब वह 982 अरब डॉलर के मालिक हैं। रॉयटर्स के अनुमान के अनुसार शेयर मार्केट में स्पेसएक्स की लिस्टिंग के बाद मस्क की दौलत एक ट्रिलियन डॉलर के पार चली जाएगी और वह दुनिया के पहले खरबपति बन जाएंगे।
SpaceX का सबसे बड़ा IPO
SpaceX ने अपने IPO में 75 अरब डॉलर जुटाए हैं। कंपनी के शेयर 135 डॉलर प्रति शेयर के भाव पर जारी किए गए हैं, जिससे कंपनी का बाजार मूल्य करीब 1.77 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 152 लाख करोड़ रुपये) पहुंच गया है। इसे दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा IPO माना जा रहा है।
SpaceX क्यों है इतना खास?
2002 में शुरू हुई SpaceX आज रॉकेट लॉन्च, स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट और AI इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है। निवेशक इसे भविष्य की सबसे बड़ी टेक और स्पेस कंपनियों में गिन रहे हैं। IPO को संस्थागत और रिटेल निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है।
भारत के सबसे अमीर लोगों से कितने आगे?
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार गौतम अडानी की संपत्ति लगभग 115 अरब डॉलर और मुकेश अंबानी की संपत्ति उससे भी कम है। ऐसे में मस्क की संभावित 1 ट्रिलियन डॉलर की नेटवर्थ भारत के शीर्ष अरबपतियों की संपत्ति से कई गुना अधिक होगी।
निवेशकों की नजर लिस्टिंग पर
अब पूरी दुनिया की नजर SpaceX की लिस्टिंग पर है। अगर शेयर में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी आती है तो एलन मस्क आधिकारिक तौर पर दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन सकते हैं। इस साल 2026 में मस्क की संपत्ति में 351 अरब डॉलर का इजाफा हो चुका है यानी कुल 56.7% की बढ़ोतरी। इसमें गुरुवार को 274 अरब डॉलर की उछाल शामिल है, जो भारत के कई राज्यों के वार्षिक बजट से कई गुना अधिक है। यह राशि भारत की कई बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों के संयुक्त मार्केट कैप के बराबर है।




