शादी से पहले मंगेतर की हत्या! प्रेमी संग मिलकर 350 फीट खाई में धकेला, पुणे की सिया केस से सनसनी

पुणे
महाराष्ट्र में जान गंवाने वाले रियल एस्टेट फर्म के निदेशक केतन विशाल अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुणे पुलिस ने मंगलवार को उनकी मंगेतर और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। उन पर केतन को पुणे के लोहागढ़ किले की गहरी खाई में धकेलने का आरोप है। पहले इसे एक दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन जांच में हत्या की साजिश सामने आई।
मंगेतर सिया गोयल ने केतन की मौत के बाद क्या किया?
यह घटना 18 जून को हुई थी। गहुंजे, पुणे जिले के निवासी 26 वर्षीय अग्रवाल का शव किले के पास एक खाई में मिला था। पुलिस ने पहले बताया था कि अग्रवाल अपनी मंगेतर और दोस्तों के साथ ट्रेकिंग पर थे। तस्वीरें लेते समय वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए थे। मंगेतर सिया गोयल ने लोनावाला ग्रामीण पुलिस को जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि किले में सैर के दौरान अग्रवाल फिसलकर गिर गए थे। इसके बाद आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अग्रवाल की शादी इसी साल गोयल से होनी थी। परिवारों ने उदयपुर, राजस्थान में एक महल बुक कर भव्य शादी की तैयारियां की थीं।
संदेह और जांच के दायरे पर एसपी ने क्या बताया?
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि मौत के हालात संदिग्ध लग रहे थे। इसी कारण पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। हमारी टीमों ने वित्तीय विवादों और व्यक्तिगत संबंधों सहित कई पहलुओं की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को एक अहम जानकारी मिली। गोयल का कोंढवा, पुणे निवासी 22 वर्षीय चेतन बाबूलाल चौधरी के साथ संबंध था। गोयल अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। वह अग्रवाल को चौधरी के साथ अपने रिश्ते में बाधा मानती थी।
कैसे हादसे की कहानी हत्या के शक तक पहुंची?
लोहागढ़ की पहाड़ियों पर हुई इस घटना के बाद शुरुआती जानकारी में कहा गया कि केतन फोटो लेते समय संतुलन खो बैठे और गहरी खाई में गिर गए. मौके पर मौजूद लोगों ने भी इसे दुर्घटना बताया. लेकिन जब पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के हालात की जांच शुरू की तो कई ऐसे संकेत मिले, जिन्होंने अधिकारियों को मामले की गहराई में जाने पर मजबूर कर दिया।
पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश की कि घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और केतन आखिर किन परिस्थितियों में खाई में गिरे. इसी दौरान जांच अधिकारियों को कुछ ऐसी जानकारियां मिलीं, जिनसे यह संदेह पैदा हुआ कि मामला सिर्फ एक हादसा नहीं हो सकता. इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जाने लगा।
सीसीटीवी फुटेज में क्या मिला?
पुलिस जांच के दौरान लोहागढ़ और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. पुलिस के मुताबिक फुटेज में एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया. अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी में एक संदिग्ध युवक की गतिविधियां नजर आईं. युवक गर्मी के मौसम में हुडी पहने, कानों में हेडफोन लगाए और चेहरा छुपाने की कोशिश करते हुए इलाके में घूमता हुआ पाया गया. यही फुटेज जांच का अहम आधार बन गया. पुलिस ने उस युवक की पहचान और उसकी गतिविधियों की जांच शुरू की. इसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।
तकनीकी जांच से खुला नया एंगल
सीसीटीवी के अलावा पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की. पुलिस सूत्रों के अनुसार इन तकनीकी तथ्यों ने घटना की दिशा बदल दी. जांच में कुछ ऐसे कनेक्शन सामने आए, जिनसे साजिश की आशंका और मजबूत हो गई. पुलिस का मानना है कि केतन की मौत के पीछे साजिश हो सकती है. इसी आधार पर जांच एजेंसियों ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और संभावित आरोपियों की भूमिका को खंगाला जा रहा है।
होने वाली पत्नी पर क्यों गया शक?
पुलिस जांच के मुताबिक इस मामले में केतन की होने वाली पत्नी सिया गोयल और उसकी एक सहेली को आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसियों को संदेह है कि सिया ने अपने कुछ दोस्तों की मदद से केतन को लोहागढ़ की ऊंचाई से धक्का दिलवाया. हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल लोनावला ग्रामीण पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और सभी संभावित साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है. शादी से कुछ दिन पहले हुई यह मौत अब महाराष्ट्र के सबसे चर्चित मामलों में शामिल होती जा रही है।
हत्या की साजिश कैसे रची गई?
पुलिस के अनुसार, गोयल और चौधरी ने अग्रवाल को खत्म करने की साजिश रची। योजना के तहत, गोयल अग्रवाल को सैर के बहाने लोहागढ़ किले ले गई। चौधरी को बाद में उसी स्थान पर बुलाया गया। इसके बाद दोनों ने मिलकर अग्रवाल को किले से नीचे धकेल दिया। इससे उनकी मौत हो गई। संदेह के आधार पर स्थानीय अपराध शाखा ने चौधरी को हिरासत में लिया।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई कैसे होगी?
पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि अग्रवाल, चौधरी और गोयल के रिश्ते में बाधा बन रहे थे। इसलिए दोनों ने मिलकर अग्रवाल को खत्म करने की योजना बनाई। चौधरी की पूछताछ के आधार पर गोयल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई। लोनावाला ग्रामीण पुलिस ने मंगलवार को हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया। आगे की जांच जारी है ताकि घटनाओं का सटीक क्रम स्थापित किया जा सके। फोरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
जन्मदिन को खास बनाने की तैयारी
परिजनों के अनुसार केतन अपनी मंगेतर के जन्मदिन को लेकर भी बेहद उत्साहित थे. 19 जून को जन्मदिन था. उससे पहले और बाद के लिए कई योजनाएं बनाई गई थीं. परिवार के एक सदस्य ने बताया कि महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में जन्मदिन समारोह की तैयारी की गई थी. इसके लिए करीब 40 कमरे बुक किए गए थे. यानी एक तरफ शादी की तैयारियां थीं और दूसरी तरफ जन्मदिन का जश्न. लेकिन इन तैयारियों के बीच जो हुआ, उसने पूरे परिवार को तोड़ दिया।
बाली ट्रिप की भी थी योजना
परिवार के मुताबिक शादी से पहले केतन और सिया की बाली यात्रा भी तय थी. सभी व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी थीं. टिकट और अन्य तैयारियां कर ली गई थीं. लेकिन यात्रा के दौरान अचानक सिया ने कथित तौर पर कहा कि उसका पासपोर्ट खो गया है. इसके बाद पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी. उस समय इसे एक सामान्य घटना माना गया, लेकिन बाद में जांच के दौरान यह घटनाक्रम भी चर्चा में आ गया. जांच अधिकारियों का दावा है कि जिस होटल में दोनों नाश्ते के लिए रुके थे, वहां सिया ने कथित तौर पर अपना पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया था. पुलिस इसी दावे की भी जांच कर रही है।
लोहागढ़ किले पर शुरू हुई कहानी
पुलिस जांच के अनुसार घटनाक्रम की शुरुआत 31 मई से जुड़ती है. बताया गया है कि उस दिन केतन अग्रवाल और सिया गोयल ट्रेकिंग के लिए लोहागढ़ किले गए थे. जांच में दावा किया गया है कि इसी दौरान कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनी. हालांकि इन दावों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी, लेकिन पुलिस अपनी जांच में इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
14 जून की कथित कोशिश
पुलिस के अनुसार 14 जून को भी कथित तौर पर एक प्रयास किया गया था. जांच में कहा गया है कि उस दिन केतन को फिर लोहागढ़ ले जाया गया. आरोप है कि सांप का डर दिखाकर उन्हें घाटी की ओर ले जाने की कोशिश की गई. पुलिस का दावा है कि उस समय योजना सफल नहीं हो सकी. केतन को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ और वह सुरक्षित लौट आए. लेकिन जांच एजेंसियों का कहना है कि केस यहीं समाप्त नहीं हुआ।
19 जून और मौत का दिन
19 जून का दिन इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. पुलिस के अनुसार उस दिन फिर लोहागढ़ ट्रेक की योजना बनाई गई. जांच में दावा किया गया है कि चेतन चौधरी को भी मौके पर बुलाया गया था. इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे मामले को बदल दिया. आरोप है कि केतन अग्रवाल को किले से नीचे धक्का दिया गया, जिससे वह करीब 350 फीट गहरी खाई में जा गिरे और उनकी मौत हो गई. घटना के तुरंत बाद इसे एक दुर्घटना माना गया. क्योंकि लोहागढ़ किला ट्रेकिंग और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है. यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं. प्रारंभिक स्तर पर यह माना गया कि फोटो खींचते समय या चलते हुए संतुलन बिगड़ने से केतन खाई में गिर गए होंगे. लगभग 350 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई. परिवार और पुलिस दोनों शुरुआती दौर में इसी दिशा में सोच रहे थे. लेकिन बाद की जांच ने तस्वीर बदल दी।
जांच में क्यों बदला एंगल?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान कुछ बातें संदिग्ध लगीं. बताया गया कि कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा नहीं की जा रही थीं. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. मोबाइल फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की गई. इन्हीं जांचों के दौरान कथित तौर पर कुछ ऐसे तथ्य सामने आए जिनके बाद मामला सिर्फ हादसे तक सीमित नहीं रहा।
प्रेम संबंध का दावा
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच संबंध थे. इसी आधार पर पुलिस ने दोनों की भूमिका की जांच शुरू की. पुलिस का आरोप है कि केतन को अपने रिश्ते में बाधा मानते हुए कथित साजिश रची गई. हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
परिवार को लगा बड़ा झटका
परिवार के लिए सबसे बड़ा झटका यही था कि जिस मौत को वे हादसा मान रहे थे, वह अब हत्या की जांच के दायरे में आ गई. रिश्तेदारों के अनुसार परिवार को विश्वास नहीं हो रहा था कि जिस रिश्ते पर भरोसा करके शादी की तैयारी की जा रही थी, उसी रिश्ते से जुड़े लोग अब जांच के केंद्र में हैं. परिवार ने यह भी बताया कि पहले लोहागढ़ में प्री-वेडिंग फोटोशूट की योजना बनाई गई थी. यानी यह स्थान दोनों के लिए नया नहीं था. इसी वजह से जांच एजेंसियां घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही हैं और हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।
पुलिस हिरासत में दोनों आरोपी
पुणे ग्रामीण पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चेतन चौधरी को तड़के करीब 2 बजे हिरासत में लिया. इसके बाद सुबह लगभग 7 बजे सिया गोयल को भी हिरासत में ले लिया गया. पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
जांच कैसे बदली?
दरअसल, शुरुआत में पुलिस ने इसे आकस्मिक घटना मानकर केस दर्ज किया था। केतन तस्वीरें लेते हुए घाटी के किनारे से फिसल गए, ऐसा माना गया। लेकिन सिया गोयल से पूछताछ में कुछ बातें छिपाने का पता चला। इसके बाद उसके मोबाइल, सोशल मीडिया, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की गई, जिससे इस मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिया और उसकी सहेली को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है और ये जानने की कोशिश कर रही है कि इस मामले और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
केतन के परिवार को लगा झटका
केतन के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि शादी से पहले दोनों बाली जाने वाला था। सभी टिकट और होटल बुकिंग हो चुकी थी, लेकिन सिया ने होटल के वॉशरूम में अपना पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया और प्लान कैंसल कर दी। उन्होंने आगे बताया कि केतन ने महाबलेश्वर में सिया के जन्मदिन के लिए लग्जरी रिसॉर्ट में 40 कमरे भी बुक किए थे। लोहागढ़ में प्री-वेडिंग फोटोशूट की भी योजना थी। परिवार को अब गहरा सदमा लगा है। उन्होंने कहा कि हम सोच भी नहीं सकते थे कि यह हत्या होगी।




