सिंह राशि में चंद्र-केतु की युति, अगले ढाई दिन इन 4 राशियों को रहना होगा सावधान

ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावना और माता का कारक माना गया है, जबकि केतु एक छाया और रहस्यमयी ग्रह है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 13 अगस्त यानी आज सुबह 6 बजकर 7 मिनट पर चंद्रमा कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश कर चुके हैं. सिंह राशि में मायावी ग्रह केतु पहले से ही विराजमान हैं, जिसके कारण सिंह राशि में चंद्र-केतु की युति से अति-संवेदनशील ग्रहण योग का निर्माण हो रहा है.
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब भी चंद्रमा का संबंध केतु से होता है, तो व्यक्ति का मन अशांत रहता है, अनिर्णय की स्थिति बनती है और मानसिक भ्रम बढ़ता है. चंद्रमा लगभग ढाई दिन में राशि परिवर्तन करते हैं, इसलिए अगले ढाई दिनों तक इस युति का प्रभाव विशेष रूप से देखने को मिलेगा. आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है.
कर्क राशि (Cancer)
चंद्रमा आपकी राशि के स्वामी हैं. द्वितीय (धन व वाणी) भाव में केतु के साथ चंद्रमा की युति आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है. अपनी वाणी पर कड़ा नियंत्रण रखें. पारिवारिक सदस्यों के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं. धन हानि के योग हैं. अनचाहे खर्चे बजट बिगाड़ सकते हैं, इसलिए किसी को भी उधार देने से बचें.
सिंह राशि (Leo)
यह युति आपकी ही राशि के प्रथम (लग्न) भाव में बन रही है, जिससे सीधा प्रभाव आपके मन और स्वास्थ्य पर पड़ेगा. अकारण तनाव, घबराहट और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है. जल्दबाजी में कोई भी बड़ा व्यावसायिक या व्यक्तिगत फैसला न लें. सिरदर्द, अनिद्रा या मानसिक बेचैनी की समस्या हो सकती है.
वृश्चिक राशि (Scorpio)
आपकी राशि के दशम (कर्म) भाव में यह ग्रहण योग बन रहा है, जो आपके कार्यक्षेत्र को प्रभावित करेगा. ऑफिस में सहकर्मियों या उच्च अधिकारियों के साथ बहस से बचें. आपके काम का श्रेय कोई और लेने की कोशिश कर सकता है. नौकरी बदलने का विचार फिलहाल टाल दें और अपने काम में पारदर्शिता बनाए रखें.
मकर राशि (Capricorn)
आपकी राशि के अष्टम (गूढ़ व संकट) भाव में चंद्र-केतु का संयोजन हो रहा है, जो अचानक समस्याओं का संकेत देता है. वाहन चलाते समय या यात्रा करते समय विशेष सतर्कता बरतें. किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश से दूर रहें. पेट या पाचन से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं.
चंद्र-केतु दोष से बचाव के आसान उपाय
भगवान शिव की उपासना: शिवलिंग पर कच्चा दूध व जल अर्पित करें और ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करें.
चंद्र देव के मंत्र: मानसिक शांति के लिए ऊं सों सोमाय नमः का जाप करना लाभदायक रहेगा.
दान कार्य: गरीबों को सफेद वस्तुएं दान करें.




