मध्य प्रदेश

कुबरेश्वर धाम में कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक प्लान जारी, 3 दिन सीहोर रोड बंद; जानें वैकल्पिक रास्ते

सीहोर 

सावन के अंतिम सोमवार और 25 अगस्त को निकलने वाली भव्य कांवड़ यात्रा को लेकर सीहोर शहर से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। सीवन नदी तट से पवित्र जल लेकर करीब 11 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए श्रद्धालु कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। बारिश और धूप के बीच भी कांवड़ियों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है।

24 अगस्त को तीन क्विंटल फूलों से होगा बाबा का श्रृंगार
सावन के अंतिम सोमवार 24 अगस्त को कुबेरेश्वरधाम में भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा के अनुसार, बाबा के श्रृंगार में तीन क्विंटल से अधिक फूलों का उपयोग किया जाएगा। मुरली मनोहर मंदिर में भगवान शिव-पार्वती, भगवान राम-माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण-राधा की प्रतिमाओं का भी विशेष श्रृंगार होगा। शाम को भव्य आरती का आयोजन किया जाएगा।

ये कदम पिछले वर्ष हुई अव्यवस्थाओं से सबक लेते हुए उठाए गए हैं। पिछले साल कांवड़ यात्रा और धाम के आयोजनों के दौरान 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इनमें रुद्राक्ष वितरण काउंटर पर मची भगदड़ में दो महिलाओं की जान चली गई थी। इसके अतिरिक्त, कई किलोमीटर लंबा महाजाम भी लगा था। इस बार किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बाहर से भी अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है।

25 अगस्त को पंडित प्रदीप मिश्रा की मौजूदगी में कांवड़ यात्रा
25 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन, पुलिस, नगर पालिका और विठलेश सेवा समिति ने यातायात, सुरक्षा, पार्किंग, चिकित्सा और पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है।

सीवन नदी पर 600 नलों से मिलेगा पवित्र जल
कांवड़ियों की सुविधा के लिए सीवन नदी के महिला घाट से लेकर ब्रिज और कोलीपुरा तिराहे तक करीब 600 नल लगाए गए हैं। नगर पालिका की ओर से पानी की आपूर्ति के लिए चार लाइन बिछाई गई हैं और चार मोटर पंप लगाए गए हैं। इससे हजारों श्रद्धालु आसानी से पवित्र जल भरकर कांवड़ यात्रा शुरू कर सकेंगे।

कांवड़ यात्रा 25 अगस्त को निकाली जाएगी। यह कांवड़ यात्रा करीब 11 किलोमीटर की होती है। कांवड़ यात्रा में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा भी कांवड़ लेकर चलते हैं। कांवड़ यात्रा में होने वाली भीड़ को लेकर कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष का वितरण बंद कर दिया गया है। आगे रुद्राक्ष वितरण कब से शुरु होगा, अभी तिथि तय नहीं हुई हैं। पिछले साल कांवड़ यात्रा के दौरान एक एक से 7 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। दो महिलाओं की मौत को रुद्राक्ष वितरण काउंटर पर भगदड़ मचने से हुई थी।

अलग-अलग डायवर्शन प्लान जारी
जिला मुख्यालय पर 25 अगस्त को होने वाली कांवड़ यात्रा में शामिल होने की संभावना है पुलिस ने पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए भारी और छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग डायवर्शन प्लान जारी किया गया है। परिवर्तित मार्ग व्यवस्था 23 अगस्त सुबह 6 बजे से 25 अगस्त रात 12 बजे तक लागू रहेगी। पिछले साल कांवड़ यात्रा के दौरान अव्यवस्था के चलते 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। दो महिलाएं तो कांवड़ यात्रा के एक दिन पहले 4 अगस्त को ही भगदड़ के दौरान मर गई। इसके बाद एक-एक से लगातार आगे तीन दिन तक श्रद्धालुओं की मौत का सिलसिला चला और कुल 7 श्रद्धालुओं की मौत हुई।

42 घंटे तक नदी चौराहा रहेगा नो-व्हीकल जोन
कांवड़ यात्रा और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 24 अगस्त की सुबह से 25 अगस्त की रात 12 बजे तक नदी चौराहा क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। बस स्टैंड, तहसील चौराहा, इंदौर नाका, कोलीपुरा तिराहा और ऋषि सुपर बाजार की ओर से आने वाले वाहनों को अलग-अलग मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा।

बाहर से आने वाले वाहनों के लिए तीन पार्किंग स्थल
इंदौर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए क्रिसेंट चौराहे के पास अलहदाखेड़ी स्टेडियम और आरटीओ कार्यालय के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है। भोपाल की ओर से आने वाले वाहन पीजी कॉलेज ग्राउंड में खड़े किए जा सकेंगे। वहीं, श्यामपुर मार्ग से आने वाले वाहनों के लिए बीएसआई ग्राउंड में पार्किंग रहेगी।

100 से अधिक सेवा स्टॉलों पर मिलेगी सुविधा
कांवड़ यात्रा मार्ग पर 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर श्रद्धालुओं को पेयजल, केले, चाय-नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी और भोजन प्रसादी उपलब्ध कराई जाएगी। सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ स्थानीय नागरिक भी सेवा कार्य में सहभागिता करेंगे।

दो हजार से अधिक सेवादार संभालेंगे भोजन व्यवस्था
कुबेरेश्वरधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था में सहयोग करने देशभर से सेवादार पहुंच रहे हैं। करीब दो हजार से अधिक सेवादार भोजनशाला और अन्य सेवा कार्यों में जुटेंगे। अखंड हिंद फौज के सैकड़ों स्वयंसेवक भी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की व्यवस्था संभालने में सहयोग करेंगे।

पांच मेडिकल प्वाइंट पर तत्काल मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा
यात्रा मार्ग पर मानक बाग, डीमार्ट, चौपाल सागर, परमार ढाबा और मोगराफूल जोड़ सहित पांच मेडिकल प्वाइंट बनाए गए हैं। धाम परिसर में भी वेटिंग एरिया डोम, भगवान शंकर मंदिर, कंकर शंकर पूजा स्थल और पं. रमेश्वर मिश्रा अस्पताल सहित विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। पीएचसी गुड़भेला-नापलाखेड़ी जोड़ और एसएचसी चितोड़िया हेमा को भी व्यवस्था से जोड़ा गया है।

भजन, झांकियां और बैंड-बाजे बढ़ाएंगे यात्रा की भव्यता
कांवड़ यात्रा को आकर्षक बनाने के लिए प्रसिद्ध भजन गायकों को आमंत्रित किया गया है। यात्रा मार्ग में शिव भजनों की प्रस्तुतियां, धार्मिक झांकियां, बैंड-बाजे और अन्य आकर्षण श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाएंगे। सीवन नदी से कुबेरेश्वरधाम तक पहले से ही हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं।

प्रशासन ने व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी बढ़ाई
एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात प्रबंधन से लेकर पेयजल, पार्किंग, चिकित्सा, सुरक्षा और भोजन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है। अंतिम सोमवार से लेकर 25 अगस्त की कांवड़ यात्रा तक शहर और धाम क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। सीवन नदी तट और कुबेरेश्वरधाम के बीच पूरा क्षेत्र भक्ति और सेवा के रंग में रंगता नजर आएगा। 

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