भारत का दिल है मध्यप्रदेश, हम निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए हैं

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुबई से हमारे सहज और स्वाभाविक संबंध हैं। हम दुबई के भरोसेमंद साथी हैं और संभावनाओं और अवसरों की सौगात लेकर दुबई के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का दिल है और हम दुबई के सभी निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियां बेहद पारदर्शी और निवेशक अनुकूल हैं। हमारी नीति, नीयत, नेतृत्व और पूरी सरकार निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि निवेशक बिना किसी संकोच के मध्यप्रदेश में निवेश करें। हमारी सरकार आपको कभी भी निराश नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रवास के दूसरे दिन दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर में हो रही एआईएम कांग्रेस-2026 के दौरान विशेष रूप से आयोजित 'इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मध्यप्रदेश' सत्र को संबोधित कर रहे थे। सत्र में यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी, यूएई में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल सहित बड़ी संख्या में देश-विदेश के उद्योगपति, इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री पार्टनर उपस्थित थे। सत्र के दौरान मध्यप्रदेश में हो रही औद्योगिक प्रगति, यहां की खूबियों, निवेश अवसरों और अनंत संभावनाओं पर केंद्रित एक ऑडियो-वीडियो फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई वैश्विक निवेश और नवाचार का केंद्र है। मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि आज वैश्विक साझेदारी, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग, मजबूत और समृद्ध भविष्य का साझा रोडमैप एआईएम कांग्रेस के इस बड़े प्लेटफॉर्म पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश-विदेश के सभी निवेशकों को दीर्घकालिक और विश्वस्तरीय साझेदारी के लिए नये अवसर उपलब्ध करा रहा है। भारत के सभी राज्यों में विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बीच मध्यप्रदेश उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो अपनी पारदर्शी नीतियों और आकर्षक योजनाओं के आधार पर औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। दुनिया में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए गंतव्यों की तलाश चल रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योग समूहों को सभी सुगम अवसर उपलब्ध करा रहा है। नीति, नीयत और निवेश में मध्यप्रदेश ने निवेशकों का दिल जीता है। मध्यप्रदेश, देश का वह प्रदेश है, जिसने निवेशकों को आगे बढ़ने के लिए अवसर वर्तमान के सभी सेक्टर्स में अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रचुर प्राकृतिक और कुशल मानव संसाधन हैं। मध्यप्रदेश ने अपनी उद्योग अनुकूल नीतियों, तेजी से विकसित हो रही औद्योगिक अधोसंरचनाओं और दिनों-दिन बढ़ती अर्थव्यवस्था से देश में अपना एक अलग ही स्थान बनाया है।
मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी अन्य राज्यों से बेहतर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है, जिसकी कनेक्टिविटी देश के सभी राज्यों से बेहतर है। मध्यप्रदेश 24 घंटे माल परिवहन की सुविधा प्रदान करता है। एक्सपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए राज्य सदैव अनुकूल है। देश में प्रमुख औद्योगिक केंद्र और बाजार तक पहुंच है, दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कॉरिडोर, रेल नेटवर्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर आदि सुविधाओं के कारण मध्यप्रदेश का विशेष स्थान बना है। कृषि, उद्योग, सेवाएं, नई औद्योगिक आधारित अर्थव्यवस्थाओं का केंद्र है। मध्यप्रदेश भारत के अग्रणी कृषि उत्पादक राज्यों में शामिल है। जहां की उत्पादकता, अनुकूलता, फूड प्रोसेसिंग के आधार पर हमें वैश्विक खाद्य श्रृंखला का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर सबसे तेजी से उभरता क्षेत्र है। इस सेक्टर में मध्यप्रदेश अब केवल प्रोडक्शन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कपड़ा उद्योग हमारी समृद्ध औद्योगिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक क्षमता का अनूठा संगम बन गया है। चंदेरी, महेश्वरी आदि वस्त्रों के लेकर आधुनिक वस्त्र निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में बेहतर अवसर हैं। ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फॉर्मास्यूटिकल और एडवांस मैन्यूफैक्चरिंग हमारे राज्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीथमपुर, मंडीदीप जैसे औद्योगिक केंद्र राष्ट्रीय कंपनियों के पसंदीदा केंद्र बने हुए हैं। पारम्परिक उद्योगों सहित आज मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को भी आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए आगे बढ़कर भविष्य के व्यापार-व्यवसाय करने के लिए तैयार हैं। दूरसंचार निर्माण, डिजिटल मैन्यूफैक्चरिंग, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के हिसाब से हम मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं। हम जानते है कि निवेश सिर्फ संसाधन और अवसरों को देखने से ही नहीं आता, इसके लिए भरोसे की भी जरूरत होती है। मध्यप्रदेश निवेशकों का वो भरोसेमंद साथी है, जहां नीतियां सरल और पारदर्शी हैं, पर्याप्त संसाधन हैं और आपके उद्योगों-कारखानों के लिए आधुनिक संरचनाएं भी उपलब्ध हैं।
हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल्स, फॉर्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, रिन्युएबल एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और व्यापार की अपार संभावनाओं वाला राज्य है। राज्य को सभी क्षेत्रों में आगे लाकर यहां निवेश बढ़ाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत भविष्य की संभावनाओं वाला देश बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के कालखंड में भारत सबसे समृद्ध अर्थव्यवस्था वाला देश बना है, दुबई और अन्य सभी खाड़ी देशों से हमारे अच्छे संबंध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवाद सत्र के आयोजन के लिए यूएई ऑफिशियल्स के प्रयासों की सराहना की।
म.प्र. में भरपूर है प्राकृतिक संसाधन और स्किल्ड मैन पॉवर : डॉ. थानी
यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी ने कहा कि जुलाई 2025 में यूएई और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार और व्यवसाय में सहयोग बढ़ाने पर अहम चर्चा हुई थी। भारत अर्थव्यवस्था की दृष्टि से हमारा एक पुराना और महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है। पिछले साल भारत और यूएई का द्विपक्षीय तेल व्यापार 100 बिलियन डॉलर रहा। दोनों देश मिलकर द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके साथ निवेश और नागरिकों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बना रहे हैं। मुझे विश्वास है कि मध्यप्रदेश हमारी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जहां प्राकृतिक संसाधनों और स्क्ल्डि मैन पॉवर की कोई कमी नहीं है। यूएई मध्यप्रदेश की क्षमताओं को रेखांकित करता है। पिछले दौरे पर यूएई ने सेंट्रल इंडिया में सप्लाई चेन को मजबूत करने और उसे ग्लोबल मार्केट से जोड़ने पर सहमति जताई थी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिछले दौरे में टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज के लिए कॉरिडोर शुरू करने पर चर्चा हुई थी, इस पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इससे भारत और यूएई के बीच व्यापार और निवेश बढ़ेगा। हम मध्यप्रदेश के साथ वैश्विक निवेशकों और व्यापार को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आशा है कि आगामी जनवरी माह (जीआईएस 2027) में मध्यप्रदेश और यूएई के बीच व्यापारिक संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी।
मध्यप्रदेश और यूएई नए समझौतों का गवाह बन रहा है : उच्चायुक्त डॉ. मित्तल
यूएई में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में मध्यप्रदेश ग्रोथ इंजन की भूमिका में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है। यह वैश्विक स्तर पर जारी संकटों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश का बड़ा योगदान है। मध्यप्रदेश कई वर्षों से अपनी जीडीपी को 12 प्रतिशत से ऊपर बरकरार रखे हुए है। तेजी से बढ़ती भारतीय इकोनॉमी में यूएई भी एक अहम साझेदार के दौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। भारत और यूएई के बीच कई अहम समझौते हुए हैं और पिछले तीन वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 100 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। यह दोनों देशों नेतृत्वकर्ताओं की प्रतिबद्धता और मजबूत हो रहे रिश्तों का परिचायक है। यूएई भारत के लिए द्विपक्षीय कारोबार वाले शीर्ष 3 देशों में शामिल है। यह हमारे लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। आज मध्यप्रदेश और यूएई नए समझौतों का गवाह बन रहा है।
दुबई और मध्यप्रदेश के बीच सीईपीए के माध्यम से मजबूत होंगे आर्थिक संबंध : एसीएस मंडलोई
दुबई में आयोजित इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश निवेश सत्र में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने मध्यप्रदेश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, निवेश अनुकूल नीतियों और मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि देश के मध्य में स्थित मध्यप्रदेश 1,000 किलोमीटर के दायरे में देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी तक आसान पहुंच प्रदान करता है, जिससे उत्पादों को बड़े उपभोक्ता बाजार तक कम समय में पहुंचाना संभव है। प्रदेश की जीएसडीपी वृद्धि दर पिछले पांच वर्षों में लगभग 12.7 प्रतिशत रही है। प्रस्तुतीकरण में खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल एवं परिधान, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन को निवेश के प्रमुख अवसरों के रूप में रेखांकित किया गया। उन्होंने फूड से फार्म-टू-फैशन वैल्यू चेन, जैविक कपास, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब, आईसीडी, एमएमएलपी, नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन एवं भंडारण तथा खनिज संसाधनों में संभावनाओं की जानकारी दी। दुबई और मध्यप्रदेश के बीच व्यापारिक अवसरों को सीईपीए के माध्यम से और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
सत्र में मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों, नीतियों और आधारभूत संरचना पर आधारित ऑडियो विजुअल का प्रदर्शन किया गया। सत्र के अंत में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के सचिव जॉन किंग्सली ने सभी निवेशकों और उद्योगपतियों का आभार जताया।



