कलेक्टर जन्मेजय महोबे का भू-माफियाओं पर बड़ा प्रहार: शासकीय भूमि का डायवर्सन कराकर ली गई कोयला भंडारण अनुज्ञा तत्काल प्रभाव से निरस्त, मेसर्स शारदा माँ लॉजिस्टिक्स पर गिरी गाज

जांजगीर-चांपा:
जिले में शासकीय भूमि पर कब्जा जमाने और नियमों की धज्जियां उड़ाकर फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शासकीय भूमि के दुरुपयोग और गंभीर अनियमितताओं पर कड़ा प्रहार करते हुए मेसर्स शारदा माँ लॉजिस्टिक्स प्रा० लि० की 80,000 मीट्रिक टन कोयला भंडारण की अनुज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
शासकीय भूमि का पहले कराया डायवर्सन, फिर खेल कर हासिल की भंडारण अनुज्ञा
मामले की परतों को खंगालने पर एक बड़ा खेल सामने आया है। रसूख के दम पर कंपनी द्वारा पहले ग्राम कन्हाईबंद (तहसील जांजगीर) स्थित शासकीय भूमि का डायवर्सन (व्यपवर्तन) कराया गया और फिर उसी आधार पर खनिज विभाग से 10 वर्षों (2020 से 2030) के लिए भारी-भरकम 80,000 मीट्रिक टन क्षमता की अस्थाई कोयला भंडारण अनुज्ञप्ति भी हासिल कर ली गई।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे के संज्ञान में आते ही मचा हड़कंप, तत्काल चला प्रशासनिक चाबुक
जैसे ही इस पूरे फर्जीवाड़े और सुनियोजित खेल की संपूर्ण जानकारी कलेक्टर जन्मेजय महोबे तक पहुंची, उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जरा भी देर नहीं की। जांच में ‘छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम 2009’ के नियम 14 की शर्तों और अनुबंध विलेख के गंभीर उल्लंघनों की पुष्टि होते ही, कलेक्टर ने नियम 15 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए कंपनी की अनुज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
कार्रवाई के कड़े निर्देश:
लाइसेंस पूरी तरह रद्द: खसरा नंबर 645/5, 645/8, 645/30 सहित 1.503 हेक्टेयर क्षेत्र में 80,000 मीट्रिक टन कोयला भंडारण की अनुमति को शून्य घोषित कर दिया गया है।
बोरिया-बिस्तर समेटने का फरमान: प्रशासन ने स्पष्ट ताकीद की है कि कंपनी स्थल से अपने सभी विवरणी बोर्ड और अवैध संरचनाओं को फौरन हटाए, अन्यथा और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच एजेंसियों को अलर्ट: संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म, क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल (बिलासपुर), अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार और खनिज निरीक्षक को आदेश जारी कर स्थल पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
संदेश साफ:
कलेक्टर जन्मेजय महोबे की इस ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से खनिज माफियाओं और नियम विरुद्ध सांठगांठ करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में जता दिया है कि शासकीय संसाधनों और नियमों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा।


