राष्ट्रीय

यूपीआईटीएस में युवाओं की भागीदारी को नया आयाम दे रही योगी सरकार, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बनेंगे आयोजन का हिस्सा

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 को केवल व्यापार और निवेश का मंच ही नहीं, बल्कि युवाओं और विद्यार्थियों के लिए सीखने, संवाद करने और वैश्विक कारोबारी वातावरण को समझने का अवसर बनाने पर भी जोर दे रही है। इसी क्रम में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की आयोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। विद्यार्थियों को आयोजन की विभिन्न गतिविधियों में उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। यह पहल विद्यार्थियों को कक्षा और परिसर से बाहर निकलकर वास्तविक कारोबारी, उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के माहौल को समझने का अवसर देगी।

आयोजन प्रबंधन से लेकर बी2बी बैठकों तक निभाएंगे भूमिका
योजना के अनुसार 25 से 29 सितंबर के दौरान विद्यार्थियों की भागीदारी शटल संचालन, स्कैनिंग, सांस्कृतिक गतिविधियों, नॉलेज सेशन, इंफॉर्मेशन डेस्क और बी2बी मीटिंग्स सहित विभिन्न कार्यों में रहेगी। विद्यार्थियों को केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाने वाले वालेंटियर्स के रूप में जोड़ा गया है।इसके लिए वालेंटियर्स की चार टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आयोजन से जुड़ी अलग-अलग जिम्मेदारियों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। छात्र सहभागिता के लिए फैकल्टी सुपरविजन और नोडल संपर्क की व्यवस्था भी की गई है।

स्टार्टअप और उद्यमिता से सीधे जुड़ेंगे विद्यार्थी
योगी सरकार की ओर से युवाओं को उद्यमिता और नवाचार से जोड़ने की दिशा में यूपीआईटीएस में विद्यार्थियों के लिए कई विशेष गतिविधियां प्रस्तावित हैं। इनमें यंग एंटरप्रेन्योर हंट के साथ स्टार्टअप/फाउंडर जोन प्रमुख है। स्टार्टअप और फाउंडर जोन में विद्यार्थियों को उद्यमियों एवं फाउंडर्स के साथ 15 मिनट की इंटरैक्शन का अवसर मिलेगा।इसके अलावा करियर कॉर्नर में इंटर्नशिप और लाइव प्रोजेक्ट से संबंधित अवसरों की जानकारी दी जाएगी। इससे विद्यार्थी उद्योग जगत की अपेक्षाओं, रोजगार के अवसरों और वास्तविक प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकेंगे।

इंटरनेशनल पासपोर्ट’ से सीखेंगे वैश्विक व्यापार की बारीकियां
छात्रों की सहभागिता को सीखने की गतिविधियों से जोड़ने के लिए इंटरनेशनल पासपोर्ट की भी व्यवस्था की गई है। इसमें विद्यार्थियों को 10 से 15 स्टांप अर्जित करने होंगे। इसके साथ फोटो इंस्टॉलेशन और अलग-अलग देशों को प्रदर्शित करने वाली कंट्री वॉल्स भी विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी। कॉलेज एक्सपो एंबेसडर्स के माध्यम से भी विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने की योजना है। इसके तहत प्रत्येक कॉलेज से प्रस्तावित रूप से 5 से 10 विद्यार्थी एंबेसडर के तौर पर जोड़े जा सकते हैं।

एक्सपो पासपोर्ट से 8-10 डिस्कवरी टास्क
छात्रों के लिए तैयार लर्निंग एंड रिकॉग्निशन एंड फ्रेमवर्क में एक्सपो पासपोर्ट को विशेष स्थान दिया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को 8 से 10 डिस्कवरी टास्क्स पूरे करने होंगे। इसके अलावा 45 से 60 मिनट की गाइडेड थीम्ड ट्रेल्स भी आयोजित की जाएंगी। निर्धारित गतिविधियां पूरी करने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट्स ऑन कंप्लीशन दिए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की यूपीआईटीएस में मौजूदगी को केवल भ्रमण तक सीमित न रखकर उसे अनुभवात्मक सीख से जोड़ना है।

युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में कदम
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की यह भागीदारी यूपीआईटीएस को व्यापार, निवेश और शिक्षा के बीच सेतु बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। एक ओर विद्यार्थी आयोजन प्रबंधन और स्वयंसेवा का व्यावहारिक अनुभव हासिल करेंगे, वहीं दूसरी ओर उन्हें स्टार्टअप, फाउंडर्स, उद्योग, करियर अवसरों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की गतिविधियों को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा। इस तरह योगी सरकार के नेतृत्व में यूपीआईटीएस में व्यापार और निवेश के साथ युवा सहभागिता, कौशल, उद्यमिता और अनुभवात्मक शिक्षा को भी आयोजन का हिस्सा बनाया जा रहा है।

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