MP में भारी बारिश का अलर्ट, सतना में स्कूलों की छुट्टी बढ़ी

भोपाल
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले बारिश का एक और मजबूत दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को प्रदेश के 13 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन बारिश का असर ज्यादा रहेगा। कुछ इलाकों में चार इंच से अधिक पानी गिर सकता है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब अब मजबूत मौसमी सिस्टम में बदल गया है। इसके असर से 25 और 26 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर रहेगा। 27 सितंबर को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इसके बाद तंत्र आगे बढ़ जाएगा। शुक्रवार को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं भिंड, दतिया, निवाड़ी, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में भारी बारिश हो सकती है।
मानसून विदाई से ठीक पहले बारिश का जोर
मध्य प्रदेश में मानसून का आधिकारिक सीजन 30 सितंबर तक रहता है। यानी अब इसकी विदाई में करीब छह दिन बाकी हैं। इससे पहले प्रदेश में लगातार बारिश के दो दौर आ चुके हैं और अब आखिरी सप्ताह में तीसरे मजबूत दौर ने दस्तक दी है।मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार 25 और 26 सितंबर को सिस्टम का प्रभाव ज्यादा रहेगा। 27 सितंबर को भी बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद मौसम में बदलाव आने की संभावना है।
अब भी सामान्य से 2.4 इंच कम बारिश
बारिश के नए दौर के बावजूद प्रदेश में सीजन की कुल बारिश अभी सामान्य से पीछे है। अब तक 873.4 मिमी यानी 34.4 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा करीब 935.1 मिमी यानी 36.8 इंच है। इस तरह प्रदेश में अब तक करीब 2.4 इंच यानी 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी करीब 2 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
23 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
प्रदेश के अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इसके उलट कई जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से काफी नीचे है। हालांकि सितंबर के अंतिम दौर की बारिश से कमी तेजी से घट रही है।
जून की कमी अब भी पूरी नहीं हुई
इस मानसून में जून सबसे कमजोर रहा। महीने में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश ने स्थिति संभाली और दोनों महीनों का कोटा पूरा हुआ, लेकिन जून की कमी पूरी तरह नहीं भर सकी। इसी वजह से पूरे मानसून सीजन का आंकड़ा अभी भी सामान्य से नीचे है। 25-26 सितंबर की बारिश के बाद यह अंतर और कम होने की उम्मीद है।
प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
वहीं, भिंड, दतिया, निवाड़ी, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में भारी बारिश होगी।
इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के कुछ जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
अतिवृष्टि की संभावना: सतना में 2 दिन स्कूल बंद
अतिवृष्टि की संभावना को देखते हुए सतना जिले में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने 26 सितंबर को भी नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।
यह आदेश शासकीय, अशासकीय, केंद्रीय, नवोदय, आईसीएसई सहित सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा।
अगले 2 दिन असर रहेगा
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब अब महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम के रूप में उभर रहा यह स्ट्रॉन्ग हो गया है। इस वजह से 25 और 26 सितंबर को असर ज्यादा रहेगा। 27 को भी तेज बारिश होगी। इसके बाद सिस्टम आगे बढ़ जाएगा।
मानसून की विदाई को 6 दिन बचे
एमपी में दक्षिण-पश्चिम मानसून का पीरियड 1 जून से 30 सितंबर तक है। यानी, मानसून की विदाई को छह दिन बचे हैं। इस बार भी सितंबर के आखिरी सप्ताह से विदाई होने लगेगी। राजस्थान के कई जिलों से मानसून लौट चुका है।
सामान्य बारिश से 2.4 इंच नीचे चल रहा प्रदेश
IMD की मानें तो प्रदेश में अब तक 873.4 मिमी यानी, 34.4 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 36.8 इंच (935.1 मिमी) की तुलना में 2.4 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 7 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 2% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 11% बारिश कम हुई है।
प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 2% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 23% तक कम बारिश हुई है।
पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। गुरुवार को भी आंकड़ा माइनस में दो प्रतिशत रहा।
वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 8% से 50% कम पानी गिरा है।
इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश
IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।




