मध्य प्रदेश

बेहतर समाधान प्रस्तुत करने वाले होंगे पुरुस्कृत

भोपाल 

सेवा संकल्प अभियान 2026 अन्तर्गत राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज के मध्यप्रदेश चैप्टर में पंजीयन का कार्य मंगलवार से प्रारंभ हो गया है। "सेवा फर्स्ट इन्नोवेशन चैलेंज" में अधिक से अधिक पंजीयन करने के साथ ही संपूर्ण प्रक्रिया को धरातल पर उतारने के लिए आज मंत्रालय में मंत्री समूह की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता नवीन नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने की। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, एमएसएमई मंत्री  चैतन्य काश्यप , राज्यसभा सदस्य  रजनीश अग्रवाल,  राजेंद्र सिंह,  आनंद स्वरूप के साथ ही आयुक्त एमएसएमई  कुमार पुरुषोत्तम , आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे।

बैठक में "सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज" की रूपरेखा पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन से प्रस्तुत की गई। मंत्री समूह ने इसके प्रॉपर क्रियान्वयन के लिए शासन स्तर से समिति गठन किए जाने संबंधी शासन स्तर पर प्राथमिक तौर पर अनुमोदन दिया। बैठक में बताया गया कि कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन और संचालन के लिए शासन स्तर से शीघ्र ही निर्देश जारी किए जाएंगे। इस संबंध में एमएसएमई विभाग द्वारा शीघ्र ही एक प्रारूप तैयार किया जाकर मंत्री समूह के अध्यक्ष  शुक्ला को प्रस्तुत किया जाएगा।

"सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज" का उद्देश्य प्रदेश में नवाचार, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देना है। इससे विद्यार्थियों, युवाओं, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, किसानों, कारीगरों और जमीनी नवाचारकर्ताओं को शासकीय, औद्योगिक, सामाजिक एवं पर्यावरण से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने के लिए प्लेटफार्म मिलेगा।

इनोवेशन चैलेंज के लिए उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, एमएसएमई सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के सहयोग से जिला स्तर पर प्रचार-प्रसार एवं पंजीयन की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक प्रतिभागियों को इस नवाचार मंच से जोड़ना है। चैलेंज में स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थी, युवा, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, किसान, कारीगर, स्वयं सहायता समूह तथा ग्रामीण एवं जनजातीय नवाचारकर्ता सहभागी बन सकेंगे। इसके साथ ही NCC, NSS और NYKS से जुड़े समूहों को भी अभियान से जोड़ा जा रहा है। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल, उद्योग, जल, स्वच्छता, ऊर्जा, पर्यटन, हस्तशिल्प, आपदा प्रबंधन तथा महिला एवं युवा उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में स्थानीय समस्याओं के समाधान आमंत्रित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित प्रतिभागियों को जिला एवं राज्य स्तर पर विशेषज्ञ समितियों द्वारा मूल्यांकन के बाद मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों को इनक्यूबेशन केंद्रों, तकनीकी संस्थानों एवं विषय विशेषज्ञों से सहयोग मिलेगा। प्रतिभागियों को प्रोटोटाइप तैयार करने, बिजनेस मॉडल विकसित करने, बौद्धिक संपदा से संबंधित तैयारी, बाजार के लिए समाधान तैयार करने और पिच प्रस्तुत करने में सहायता दी जाएगी। महिला, ग्रामीण एवं जनजातीय प्रतिभागियों की भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कार्यक्रम का संचालन चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। इसमें समितियों का गठन, समस्याओं का चयन, प्रचार-प्रसार एवं पंजीयन, जिला स्तर पर मूल्यांकन, मार्गदर्शन, प्रोटोटाइप विकास और राज्य स्तरीय ग्रैंड फिनाले शामिल हैं। राज्य स्तरीय ग्रैंड फिनाले दिसंबर माह में प्रस्तावित है। राज्य स्तर पर चयनित प्रतिभागी एवं नवाचारकर्ता अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

 

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