यूपी में नकली नोटों का नेटवर्क उजागर, 500 रुपये के 315 जाली नोटों के साथ दो गिरफ्तार

बदायूं
नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से डेढ़ लाख रुपये से अधिक के नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद हुए हैं। आरोपियों के चार साथी पहले ही कासगंज जिले की सोरों पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। अलापुर थाना पुलिस ने थानाध्यक्ष सनी चौधरी के नेतृत्व में मुखबिर की सूचना पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान भसराला गांव निवासी यावर अली पुत्र मकसूद अली और नुरुलहसन पुत्र रहीसुल हसन के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 500 रुपये के 315 नकली नोट बरामद किए हैं। इनकी कुल कीमत एक लाख 57 हजार 500 रुपये है। इसके अलावा 500 रुपये के छह अधबने नोट और नकली नोट छापने की एक डाई बरामद हुई है। पुलिस को मौके से हरे टेप का एक बंडल, ग्लू स्टिक, एक मोबाइल फोन, दो कटर ब्लेड, एक्सटेंशन बोर्ड और सफेद कागज का एक बंडल भी मिला है।
असली के साथ नकली नोट मिलाकर खपाते
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे काफी समय से नकली नोट तैयार कर रहे थे और उन्हें धीरे-धीरे बाजार में चला रहे थे। इसके लिए नकली नोटों को असली नोटों के साथ आगे-पीछे लगाकर इस्तेमाल करते थे। पुलिस के मुताबिक, यावर अली कासगंज जिले के सोरों थाने में दर्ज एक मामले में वांछित चल रहा था। उसके दो साथी रूपकिशोर उर्फ राजू और गोविंद चार सितंबर को सोरों पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। नुरुलहसन भी पहले अलापुर में नकली नोटों के मामले में पकड़ा गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
डेढ़ लाख के नकली नोट के साथ दो गिरफ्तार
एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले यावर अली और नुरुलहसन को गिरफ्तार किया गया है। यावर अली पर आठ और नुरुलहसन पर नौ मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। इस गिरोह में कौन-कौन लोग काम कर रहे हैं।




