भांजी की शादी को लेकर जगन रेड्डी और बहन के बीच विवाद? महल में जगह देने से इनकार की खबर

हैदराबाद
आंध्र प्रदेश की राजनीति में भाई-बहन की लड़ाई अब परिवार के एक बड़े समारोह तक पहुंच गई है. आंध्र प्रदेश में कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष वाईएस शर्मिला और उनके भाई, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख और पूर्व सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी के बीच संपत्ति को लेकर अब खुलकर विवाद शुरू हो गया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जगन मोहन रेड्डी ने अपनी भांजी वाईएस अंजिली रेड्डी की शादी परिवार के बेंगलुरु स्थित येलहंका पैलेस में आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शर्मिला अपनी बेटी की शादी 25 नवंबर को येलहंका पैलेस में करना चाहती थीं. उन्होंने रिश्तेदारों, राजनीतिक नेताओं और कई प्रमुख हस्तियों को निमंत्रण भी भेज दिया था. लेकिन अब उन्हें शादी के लिए दूसरी जगह तलाशनी पड़ रही है. यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब दोनों भाई-बहनों के बीच परिवार की संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे हैं. इस मामले में दोनों पक्षों के बीच तनाव की खबरें पहले भी आती रही हैं।
मां विजयम्मा के जरिए पहुंचा संदेश
वाईएस शर्मिला की बेटी वाईएस अंजिली रेड्डी की सगाई 24 सितंबर को सोमाला रघुरामी रेड्डी से हुई थी. उनके होने वाले पति अमेरिका में रहते हैं. शर्मिला चाहती थीं कि बेटी की शादी 25 नवंबर को बेंगलुरु के येलहंका पैलेस में हो. रिपोर्ट के मुताबिक, जगन मोहन रेड्डी ने अपनी मां वाईएस विजयम्मा के जरिए शर्मिला तक संदेश पहुंचाया कि वह येलहंका पैलेस में शादी की अनुमति नहीं देंगे. शर्मिला के एक सहयोगी का दावा है कि विजयम्मा ने जगन को अपना फैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी बात पर अड़े रहे।
जगन-शर्मिला में किस बात का विवाद
शर्मिला के सहयोगी के मुताबिक, इस फैसले से उन्हें बड़ा झटका लगा है, क्योंकि वह पहले ही शादी के निमंत्रण बांट चुकी थीं. अब उन्हें ऐसा दूसरा स्थान तलाशना है, जहां मेहमानों के आने-जाने, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का इंतजाम आसानी से किया जा सके।
शादी में आने वाले हैं कई बड़े नेता
शर्मिला ने बेटी की शादी के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के अलावा कई बड़े राजनीतिक नेताओं को भी निमंत्रण भेजा है. इनमें कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नाम शामिल हैं. शर्मिला के सहयोगी का कहना है कि इन नेताओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए शादी के लिए नई जगह तलाशना आसान नहीं होगा. उन्हें ऐसा आयोजन स्थल चाहिए, जहां सुरक्षा और दूसरी जरूरी व्यवस्थाएं ठीक से की जा सकें।
संपत्ति के बंटवारे को लेकर पिछले करीब पांच साल से विवाद
जगन मोहन रेड्डी और शर्मिला के बीच परिवार की संपत्ति के बंटवारे को लेकर पिछले करीब पांच साल से विवाद चल रहा है. इसमें सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों का मामला भी शामिल है. संपत्ति से जुड़ा यह विवाद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है. शर्मिला के करीबियों का दावा है कि उनके पिता और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी चाहते थे कि उनके बेटे और बेटी को परिवार की संपत्ति में बराबर हिस्सेदारी मिले. बताया जाता है कि उन्होंने दोनों के लिए हैदराबाद, बेंगलुरु और इडुपुलापाया में अलग-अलग आवासों की व्यवस्था भी कराई थी।
20 एकड़ क्षेत्र में भाई-बहन के लिए अगल-बगल दो मकान
हैदराबाद के लोटस पॉन्ड इलाके में दोनों भाई-बहनों के घर एक-दूसरे के पास हैं. शर्मिला अब भी अपने घर में रहती हैं. इडुपुलापाया में भी दोनों के लिए अलग-अलग आवास बनाए जाने की बात कही जाती है. संपत्ति विवाद का एक अहम हिस्सा बेंगलुरु के येलहंका इलाके में स्थित परिवार की संपत्तियां हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 20 एकड़ क्षेत्र में भाई-बहन के लिए अगल-बगल दो मकान बनाए गए थे. शर्मिला के सहयोगी का दावा है कि उनके लिए बनाया गया मकान उनके नाम पर पंजीकृत नहीं किया गया था. उनके पिता राजशेखर रेड्डी बेंगलुरु आने पर इसी घर में ठहरते थे. वहीं, जगन मोहन रेड्डी भी अपने नियमित बेंगलुरु दौरों के दौरान येलहंका स्थित अपने महल में रुकते रहे हैं।
शर्मिला के सहयोगी ने आरोप लगाया कि जगन मोहन रेड्डी उन्हें बेंगलुरु की संपत्ति में हिस्सा देने से इनकार कर रहे हैं. हालांकि, संपत्ति के स्वामित्व और हिस्सेदारी को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों और कानूनी कार्यवाही पर निर्भर करेगी. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की 2 सितंबर 2009 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी. उनके निधन के बाद परिवार की संपत्तियों के बंटवारे का मुद्दा पूरी तरह नहीं सुलझ सका. समय के साथ यह विवाद जगन मोहन रेड्डी और शर्मिला के रिश्तों में तनाव की वजह बन गया।




