छत्तीसगढ़

43 दिन बाद पटरी पर लौटी नाइट एक्सप्रेस, बस्तर के यात्रियों को अब भी राहत का इंतजार

जगदलपुर.

केके रेललाइन पर भूस्खलन के कारण थमी रेल सेवाएं बहाल तो हो गई हैं, लेकिन यात्रियों की मुश्किलें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं. किरंदुल से विशाखापट्टनम जाने वाली नाइट एक्सप्रेस 43 दिनों के लंबे इंतजार के बाद फिर रवाना हुई. 25 सितंबर को मल्लीगुड़ा और जरति स्टेशन के बीच भूस्खलन होने से रेल परिचालन बाधित हो गया था.

इसके चलते किरंदुल से विशाखापट्टनम जाने वाली नाइट एक्सप्रेस को स्थगित करना पड़ा था. गुरुवार को ट्रेन दोबारा शुरू हुई, लेकिन प्रचार-प्रसार की कमी के कारण जनरल डिब्बे में महज 20 यात्रियों ने टिकट लेकर सफर किया. दूसरी ओर विशाखापट्टनम से किरंदुल आने वाली पैसेंजर ट्रेन की लेटलतीफी यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है. यह ट्रेन पिछले पांच दिनों से लगातार देरी से पहुंच रही है.

गुरुवार को भी ट्रेन करीब तीन घंटे विलंब से आई और शाम 7 बजकर 10 मिनट पर किरंदुल से रवाना हुई. केके लाइन पर यातायात बहाल होने के बावजूद पैसेंजर ट्रेन को मल्लीगुड़ा स्टेशन पर रोके जाने की वजह से देरी हो रही है. लंबे समय तक रेल सेवा बाधित रहने के बाद अब यात्रियों को नियमित और समयबद्ध परिचालन की उम्मीद है. ऐसे में रेल प्रबंधन के सामने चुनौती केवल ट्रेन चलाने की नहीं, बल्कि यात्रियों को भरोसेमंद रेल सेवा देने की भी है.

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button