चुनाव बना मजाक , कई विभाग के कर्मचारी नाम कटवाने के जुगाड़ मे लगे है और कई कर्मचारियों की 3 जगह ड्यूटी लगा दिये है और उनको ही कर रहे नोटिस जारी इसका जिम्मेदार कोंन ?

चुनाव बना मजाक , कई विभाग के कर्मचारी नाम कटवाने के जुगाड़ मे लगे है और कई कर्मचारियों की 3 जगह ड्यूटी लगा दिये है और उनको ही कर रहे नोटिस जारी इसका जिम्मेदार कोंन ? निर्वाचन आयोग के गाइड लाइन का भी नहीं किया जा रहा पालन पति पत्नी दोनो का लगाया ड्यूटी ऐसे मे बच्चों के पढ़ाई पे होगा असर क्योकि माता पिता ड्यूटी करेंगे तो बच्चों का देकरेख करेगा कोंन ?

प्रदेश में निर्वाचन होना है और इसकी जिम्मेदारी सबसे अधिक शासकीय कर्मचारियों पर होती है ऐसे में शासकीय कर्मचारियों को हमेशा इस बात को लेकर संसय रहता है की किस आधार पर उनके चुनाव ड्यूटी बच सकती है तो निर्वाचन आयोग का जो आदेश है उसके आधार पर महिलाओं के लिए बने विशेष बूथ पर महिला कर्मचारियों की ही ड्यूटी लगाई जाएगी लेकिन यह ड्यूटी दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र में नहीं लगाई जा सकती यही नहीं गर्भवती महिलाएं या स्तनपान करने वाली महिलाओ की ड्यूटी नहीं लगाई जानी है भले ही वह मातृत्व अवकाश में हो या न हो साथ ही डॉक्टर ने जिन महिलाओं को कठोर कार्य करने के लिए मना किया है उन्हें भी ड्यूटी से छूट दी जाएगी । महिलाओ के लिए विशेष तौर पर बूथ बनाए जाने हैं जिन पर महिला कर्मचारीयों की ही ड्यूटी लगेगी और प्रत्येक विधानसभा में ऐसे बूथ की संख्या कम से कम 10 रखी जानी है । इसी प्रकार दिव्यांगों के लिए एक बूथ तैयार किया जाएगा जहां दिव्यांग कर्मचारी की ही ड्यूटी लगेगी साथ ही एक युवा बूथ और पांच आदर्श बूथ भी तैयार किए जाएंगे