छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पंचायत पचेड़ा में नाबार्ड (NABARD) द्वारा चलाई गई ग्रामीण हाट बाजार योजना से स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में खुशी की लहर है। इस पहल के तहत, अब गांव में लगने वाले साप्ताहिक बाजार को एक नया रूप मिला है, जिससे यहां आने वाले व्यापारियों और ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है।
पहले पचेड़ा का साप्ताहिक बाजार खुले आसमान के नीचे लगता था, जहाँ व्यापारी अपनी दुकानें तिरपाल लगाकर लगाते थे। उन्हें तेज धूप, बारिश और खराब मौसम का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब इस योजना के कारण उन्हें इन सभी परेशानियों से निजात मिल गई है।
नाबार्ड की योजना से मिले फायदे









- पक्की दुकानें और शेड: बाजार में अब पक्की दुकानें और शेड उपलब्ध हैं, जिससे व्यापारियों को सुरक्षित स्थान मिला है।
- मौसम से राहत: अब व्यापारियों को तेज धूप और बारिश की चिंता नहीं करनी पड़ती, जिससे वे निश्चिंत होकर व्यापार कर सकते हैं।
- ग्राहकों के लिए सुविधा: बेहतर सुविधाओं के कारण ग्राहकों को भी आरामदायक माहौल में खरीदारी करने का मौका मिल रहा है, जिससे बाजार की रौनक बढ़ गई है।
इस योजना की सफलता में अंकित जयशंकर पाल, जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड का विशेष योगदान रहा है, जिनकी कोशिशों से यह काम सही तरीके से हो पाया। नाबार्ड की इस पहल से न केवल व्यापारियों को फायदा हुआ है, बल्कि पचेड़ा गांव के लोगों के लिए भी खरीदारी का अनुभव बेहतर हो गया है।




