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कुटरा में मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन, राघवेन्द्र सरकार बोले—संघर्ष करने वाले समझौता नहीं करते

जांजगीर-चांपा। जिले के कुटरा में 357 करोड़ की लागत से बनने वाले प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन रविवार को ख्यातिप्राप्त समाजसेवी राघवेन्द्र पाण्डेय एवं सरपंच प्रतिनिधि रामधन कश्यप द्वारा किया गया।
डिवी प्राइवेट लिमिटेड, कोरबा के पुरोहित आचार्य पं. जीवन प्रसाद द्विवेदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिविधान से भूमिपूजन कराया। पं. द्विवेदी ने कहा कि भवन निर्माण के दौरान भूमिखनन में अनजाने में जीव-जंतुओं की मृत्यु का पाप न लगे, इसलिए शुद्धाचार पूर्वक भूमि की पूजा कर शुभारंभ किया गया।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए राघवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

राघवेन्द्र पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय गांव में शिक्षा और सुविधाओं का भारी अभाव था, जिससे बच्चों को आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी।
“आज कुटरा ने अपनी किस्मत बदली है। संघर्ष करने वाला समझौता नहीं करता। अब देशभर के बच्चे मेडिकल की पढ़ाई करने हमारे गांव आएंगे,” उन्होंने कहा।

उन्होंने मेडिकल कॉलेज की दिशा में सहयोग के लिए पूर्व विधायक नारायण चंदेल एवं स्व. युद्धवीर सिंह जूदेव के प्रति आभार व्यक्त किया।
भूमिपूजन की सूचना शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को न दिए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई तथा कार्य रोकने की बात कही, लेकिन पं. द्विवेदी के समझाने पर वे कार्यक्रम में शामिल हुए।
उन्होंने साइट प्रभारी अमित शर्मा को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और स्थानीय कामगारों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

मौके पर छोटेलाल सूर्यवंशी, पवन दिनकर, सुमेंद्र कश्यप, मनमोहन कश्यप, रामकुमार खरे, टिंकू पाण्डेय, गजानंद खरे, कश्यप समाज के अनेक सदस्य सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।

मेडिकल कॉलेज से गांव की आजीविका पर असर

110 एकड़ भूमि पर बन रहे इस मेडिकल कॉलेज के लिए जिस इलाके का अधिग्रहण हुआ, वहां गांव के लोग पीढ़ियों से खेती-किसानी करते आ रहे थे। भूमि जाने के बाद उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण और संचालन में उन्हें रोजगार मिलेगा।
राघवेन्द्र पाण्डेय ने निर्माण एजेंसी से स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की अपील की।

ड्रीम प्रोजेक्ट—जनप्रतिनिधियों का सम्मान जरूरी

पाण्डेय ने कहा कि मेडिकल कॉलेज पूरा जिले का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
किसी भी कार्यक्रम या निर्माण प्रक्रिया में सांसद, विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधियों व स्थानीय प्रतिनिधियों का सम्मानपूर्वक आमंत्रण और विश्वास में लेना आवश्यक है।
अन्यथा निर्माण एजेंसी पर संदेह पैदा होगा।
उन्होंने पत्रकारों से भी निर्माण कार्यों पर निगरानी रखने की अपील की।

“रामसरकार जिंदाबाद” के नारों से गुंजा कुटरा

भूमिपूजन के दौरान जैसे ही राघवेन्द्र पाण्डेय कुटरा पहुंचे, ग्रामीणों का उत्साह चरम पर पहुंच गया।
गांव में उनके आगमन पर “रामसरकार पाण्डेय जिंदाबाद” के नारे गूंज उठे।
ग्रामीणों ने राघवेन्द्र में उनके पिता स्व. रामसकार पाण्डेय की छवि देखी, जिनकी दबंगई, जनसेवा और प्रभावशील नेतृत्व की चर्चा आज भी क्षेत्र में होती है।

सत्तर के दशक में कुटरा की मयूर हवेली और स्व. रामसकार पाण्डेय की मजबूत पकड़ पूरे जांजगीर तहसील में जानी जाती थी। उनके जनसेवा भाव से प्रभावित होकर जांजगीर-चाम्पा के प्रथम कलेक्टर डॉ. व्ही.एस. निरंजन ने कुटरा के शासकीय मिडिल स्कूल को स्व. रामसकार पाण्डेय की स्मृति में संचालित करने का निर्णय लिया था।

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