राजनीति

राहुल पर दुबे का वार: CBI, चुनाव आयोग और UPSC पर कब्जे का लगाया आरोप

नई दिल्ली 
संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को चुनाव सुधार पर चर्चा जारी है। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में चर्चा के दौरान आरएसएस पर देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने जवाब दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जवाब देते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्हें आरएसएस से होने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि मैं आरएसएस से हूं और मुझे इस पर गर्व है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के भाषण पर तंज कसते हुए कहा, "आए थे हरि भजन को, ओटन लगे कपास। खोदा पहाड़, निकली चुहिया। यह वही कांग्रेस है जो शहीदों की चिताओं पर खड़ी हुई, वही कांग्रेस जिसने भारत को बांटा। आज, राहुल गांधी के बयानों के बाद, मैं उन्हें कांपते और कन्फ्यूज देख सकता था। वे अचानक संविधान की बात करने लगे। मैं अपने साथ 1976 की पूरी बहस लाया हूं, कैसे कांग्रेस ने संविधान को फाड़ दिया, उनके पास इसका कोई जवाब नहीं है।"
कांग्रेस पर तंज कसते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि अपने शासन में एक संशोधन के माध्यम से राष्ट्रपति को कांग्रेस ने रबर स्टांप बना दिया था। राष्ट्रपति का इंस्टीट्यूशन खत्म हो गया। इंदिरा गांधी ने प्रेस की स्वतंत्रता खत्म कर दी और अपने चहेते को देश का सीजेआई बना दिया। कांग्रेस का कार्यकर्ता दस साल तक यूपीएससी जैसी संस्था का चेयरमैन बना रहा। इस देश के पहले चुनाव कमिश्नर को सूडान का एंबेस्डर बना दिया गया। टीएन शेषन को बीजेपी के खिलाफ उम्मीदवार बना दिया गया। कांग्रेस ने अश्विनी कुमार और रंजीत सिन्हा जैसे अधिकारियों को सीबीआई डायरेक्टर बना दिया।
कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि ये ईवीएम की बात करते हैं। कांग्रेस ही देश में ईवीएम लाई थी। 1961 और 1971 में कहा गया था कि एसआईआर जरूरी है और 1971 में कहा गया कि ईवीएम जरूरी है। अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी भी इसके मेंबर थे। उन्होंने बूथ वाइज काउंटिंग की वकालत की, जिसका विरोध किया गया ताकि गड़बड़झाला कर पाएं।
दुबे ने आगे कहा कि पूरे देश में मुसलमान 4 फीसदी बढ़े हैं। लेकिन, बंगाल के 24 परगना में 14 फीसदी मुस्लिम कैसे बढ़े, इसका जवाब कौन देगा? ये आंकड़े 2011 के हैं।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button